नई दिल्ली: पूर्व कांग्रेस नेता डॉ. शकील अहमद के बयान से सियासी खलबली मच गई है। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस अध्यक्ष के लिए शशि थरूर को वोट देना चाहता था लेकिन अपनी मर्ज़ी के खिलाफ खरगे साहब को वोट दिया। शकील अहमद के इस बयान के बाद बीजेपी ने भी कांग्रेस पर हमला बोला है। वहीं शशि थरूर ने इस पर कुछ भी कमेंट करने से इनकार किया है।
शकील अहमद ने क्या कहा था?
कांग्रेस छोड़ चुके शकील अहमद ने कहा, ' मैं शशि थरूर को वोट देना चाहता था (कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए)। लेकिन जब मैंने देखा कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी के वफादार लोग खड़गे जी के लिए वोट मांग रहे थे। मैंने अपनी मर्ज़ी के खिलाफ खड़गे साहब को वोट दिया क्योंकि मैं अपना वोट बर्बाद नहीं करना चाहता था। पिछले पांच सालों में मैंने राहुल गांधी से मिलने का समय कभी नहीं मांगा क्योंकि मैं उनसे निराश था। राहुल गांधी मानते हैं कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ उनके परिवार की है...राहुल गांधी अच्छे पॉपुलर नेताओं से कभी नहीं मिलते क्योंकि उन्हें खतरा महसूस होता है।'
शशि थरूर ने क्या कहा?
वहीं इस बयान को लेकर जब शशि थरूर से मीडियाकर्मियों ने सवाल किया तो उन्होंने कहा, "मैं हर किसी के बयान पर कमेंट नहीं कर सकता। मुझे लगता है कि अगर शकील साहब ने यह कहा है, तो उनसे बात करें। वह खुद बोल सकते हैं।
बीजेपी ने साधा निशाना
उधर, बीजेपी ने इस शकील अहमद के इस बयान के बाद कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कहा, "एक बहुत सीनियर नेता, जो मंत्री भी थे, शकील अहमद, कहते हैं कि राहुल गांधी सबसे कायर और नासमझ इंसान हैं, और राहुल गांधी को कोई भी ऐसा पसंद नहीं है जो उन्हें बॉस की तरह ट्रीट न करे। इसीलिए उन्होंने सोनिया गांधी के साथ काम करने वाले कई सीनियर नेताओं को साइडलाइन कर दिया।
पूनावाला ने आगे कहा, "वह किसी भी ऐसे व्यक्ति को साइडलाइन कर देते हैं जो देश के हित या पार्टी के हित की बात करता है। चाहे वह शकील अहमद हों, तारिक अनवर हों, सीनियर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह हों, या कुमारी शैलजा हों, वे सभी कह रहे हैं कि वे वोट में धांधली की वजह से नहीं, बल्कि अंदरूनी कमजोरियों की वजह से हारे। लेकिन राहुल गांधी खुद को बचाने के लिए बार-बार चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हैं।"
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