नई दिल्लीः नमाजियों पर मेरठ पुलिस की कारवाई पर किए गए अपने ट्वीट को लेकर केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी कहा गुरुवार को कहा कि “मेरा मतलब है कि पुलिस को ये नहीं कहना चाहिए कि हम पासपोर्ट ले लेंगे। प्रशासन सड़कों को ख़ाली रखने की बात कर सकता है लेकिन इसके लिए संवेदनशीलता के साथ समुदाय के लोगों से संवाद करनी चाहिए।”
मेरठ पुलिस के आदेश की निंदा की
दरअसल, मेरठ पुलिस ने ईद की नमाज को लेकर एक आदेश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि सार्वजनिक जगहों और रोड पर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी। अगर कोई आदेश का उल्लंघन करता है तो उसका पासपोर्ट रद्द किया जा सकता है। मेरठ पुलिस के इसी आदेश की केंद्रीय मंत्री और आरएलडी नेता जयंत चौधरी ने निंदा की है और कहा कि पासपोर्ट रद्द करने की बात करना गलत है।
थाना प्रभारियों को दिए गए हैं ये निर्देश
बता दें कि मेरठ पुलिस की तरफ से सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सड़कों पर नमाज अदा करने की किसी भी घटना को रोकें और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने कहा कि नमाज मस्जिदों और ईदगाहों में ही पढ़ी जाए। रोड और सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन कैमरे से निगरानी
उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए पीएसी और आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) सहित पुलिस और अर्धसैनिक बलों को ईदगाह जैसे प्रमुख स्थानों पर तैनात किया जाएगा और ड्रोन और वीडियो कैमरों सहित अतिरिक्त निगरानी की जाएगी। पुलिस ने बताया कि ईद-उल-फ़ितर के दिन संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन कैमरे से गतिविधियों पर नज़र रखी जाएगी। पुलिस ने बताया कि सादे कपड़ों में और स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) के अधिकारी भीड़ के साथ घुल-मिलकर आदेशों का उल्लंघन करने की किसी भी योजना का पता लगाएंगे।
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