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Kerala Assembly Election 2026: कांजिरापल्ली सीट पर कड़ा त्रिकोणीय मुकाबला, केंद्रीय राज्यमंत्री के उम्मीदवार बनने से दिलचस्प हुआ चुनाव

Kanjirappally Political Analysis: केरल विधानसभा चुनाव में कांजिरापल्ली सीट पर केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन के उम्मीदवार बनने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। जानें Kanjirappally सीट पर सियासी समीकरण क्या हैं।

Kanjirappally Political Analysis- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV कांजिरापल्ली सीट पर LDF के सामने अपना गढ़ बचाने की चुनौती है।

Kanjirappally Seat Contest: केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कांजिरापल्ली सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय माना जा रहा है। 9 अप्रैल 2026 को होने वाले मतदान में यहां केरल कांग्रेस (एम)–एलडीएफ की तरफ से एन. जयराज, कांग्रेस–यूडीएफ की ओर से रोनी के बेबी और बीजेपी–एनडीए की तरफ से जॉर्ज कुरियन आमने-सामने हैं।

दांव पर 4 बार के विधायक जयराज की साख

बता दें कि मौजूदा MLA और केरल सरकार के मुख्य सचेतक एन. जयराज इस विधानसभा सीट से लगातार 2011 से जीत रहे हैं। 4 बार के विधायक एन. जयराज अपने डेवलपमेंट के कार्यों और वेलफेयर स्कीम के दम पर विधानसभा सीट को बचाने के प्रयास में हैं। एलडीएफ गठबंधन का पूरा फोकस पिछले दशक में किए गए विकास को वोट बैंक में बदलने पर है।

अपना किला वापस पाने की कोशिश में कांग्रेस

वहीं, कांग्रेस के प्रत्याशी रोनी के बेबी के लिए यह विधानसभा सीट प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है। जान लें कि कांजिरापल्ली कभी UDF का मजबूत गढ़ कहा जाता था, लेकिन 2020 में केरल कांग्रेस (M) के LDF में शामिल होने के बाद सियासी समीकरण बदल गए। कांग्रेस अब इस विधानसभा सीट को फिर से अपने कब्जे में लेने के लिए पूरा दम लगा रही है। हालिया निकाय चुनाव में मिले सपोर्ट को अपने पक्ष में मान रही है।

विधानसभा चुनाव में उतरे केंद्रीय राज्यमंत्री

दूसरी तरफ, BJP ने केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन को चुनावी मैदान में उतारकर इस विधानसभा सीट को नेशनल लेवल पर चर्चा में ला दिया है। NDA यहां ईसाई बहुल मध्य त्रावणकोर इलाके में अपनी पकड़ मजबूत करने की स्ट्रैटेजी पर काम कर रहा है। PM नरेंद्र मोदी के डेवलपमेंट एजेंडे को मुख्य मुद्दा बना रहा है।

कांजिरापल्ली विधानसभा सीट की खास बात इसकी डेमोग्राफी है, जहां बड़ी संख्या में सायरो-मलाबार कैथोलिक वोटर हैं। इसी वजह से तीनों प्रमुख गठबंधन इस वोट बैंक को साधने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में कांजिरापल्ली सीट पर मुकाबला बेहद कांटे का हो सकता है।

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