तिरुवनंतपुरम: केरल में सीएम वीडी सतीशन के नेतृत्व में गठित यूडीएफ सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट में कई बड़े फैसलों का ऐलान किया। सीएम सतीशन ने ऐलान किया कि राज्य में महिलाओं को 15 जून से केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा आशा वर्कर्स के मानदेय में तीन हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। राज्य सरकार का कहना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े जमीनी कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
बुजुर्गों के लिए अलग विभाग
मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने कैबिनेट की पहली बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा करते हुए कहा कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना के विस्तृत दिशानिर्देश बाद में जारी किए जाएंगे। कैबिनट ने बुजुर्ग लोगों के लिए एक अलग विभाग गठित करने का भी फैसला लिया। सीएम ने इस फैसले को देश में इस तरह की पहली पहल बताया। उन्होंने कहा, ''किसी समाज का मूल्यांकन इस बात से होता है कि वह अपने बुजुर्ग नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है। वरिष्ठ नागरिकों की सम्मानजनक देखभाल सुनिश्चित करके केरल को एक आदर्श सभ्य समाज बनना चाहिए।''
आशा और आंगनबाड़ी वर्कर्स का कितना बढ़ा मानदेय?
वहीं आशा और आंगनबाड़ी वर्कर्स के मानदेय में बढ़ोतरी का भी उन्होंने ऐलान किया। सीएम सतीशन ने कहा कि सचिवालय के सामने आशा कार्यकर्ताओं द्वारा लंबे समय तक किए गए आंदोलन के दौरान किए गए वादे को पूरा करते हुए मंत्रिमंडल ने उनके मानदेय में 3,000 रुपये प्रति माह की वृद्धि को मंजूरी दी है। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों, स्कूल के रसोइया कर्मचारियों, पूर्व-प्राथमिक शिक्षकों और आया के मानदेय में भी 1,000 रुपये प्रति माह की वृद्धि की घोषणा की।
कौन होंगे प्रोटेम स्पीकर?
मंत्रिमंडल ने सीनियर विधायक जी. सुधाकरन को प्रोटेम स्पीकर के रूप में नामित करने की सिफारिश की और राज्यपाल से विधायकों के शपथ ग्रहण और अध्यक्ष के चुनाव के लिए विधानसभा सत्र बुलाने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, विधायकों का शपथ ग्रहण 21 मई को होगा और अध्यक्ष का चुनाव 22 मई को होगा। कैबिनेट ने वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव बाबू को महाधिवक्ता और अधिवक्ता टी एस आसफ अली को अभियोजन महानिदेशक नियुक्त किया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमले की एसआईटी जांच
एक अन्य अहम फैसले में कैबिनेट ने अलाप्पुझा में पूर्व मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान दो युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कथित हमले से संबंधित मामले की फिर से जांच के लिए एसआईटी के गठन को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अलाप्पुझा जिला न्यायालय ने आठ नवंबर, 2024 को पुन: जांच का आदेश दिया था, लेकिन पिछली सरकार डेढ़ साल से अधिक समय से इस आदेश का पालन करने में विफल रही। राजनीतिक प्रतिशोध के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार केवल अदालत के निर्देश का पालन कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य और सरकार के राजकोष की वित्तीय स्थिति का विस्तृत विवरण देने वाला एक श्वेत पत्र जारी किया जाएगा।
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