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ओडिशा: नवीन पटनायक ने दिखाया बड़ा दिल, बढ़ा वेतन लेने से किया इनकार; जनहित में खर्च करने का किया आग्रह

ओडिशा के नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने बढ़ा हुआ वेतन लेने से इनकार कर दिया है। उन्होंने यह राशि गरीबों के कल्याण में खर्च किए जाने का आग्रह किया है।

नवीन पटनायक ने बढ़ी संपत्ति लेने से किया इनकार। - India TV Hindi Image Source : X/NAVEEN_ODISHA नवीन पटनायक ने बढ़ी संपत्ति लेने से किया इनकार।

भुवनेश्वर: ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने एक बार फिर बड़ा दिल दिखाते हुए नजीर पेश की है। उन्होंने हाल ही में बढ़ाए गए वेतन और भत्तों को छोड़ने की घोषणा की है। इसके अलावा नवीन पटनायक ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह इस राशि का उपयोग गरीब लोगों के कल्याण के लिए करे। बता दें कि राज्य विधानसभा ने 9 दिसंबर को मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मंत्रियों और विधायकों के वेतन एवं भत्ते में वृद्धि करने संबंधी विधेयक को मंजूरी दी थी। इसके तहत नेता प्रतिपक्ष के रूप में नवीन पटनायक 3.62 लाख रुपये का मासिक वेतन और भत्ता प्राप्त करने के हकदार होंगे। 

पटनायक ने सीएम को लिखा पत्र

नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी को इस संबंध में एक पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने कहा, ‘‘मैं नेता प्रतिपक्ष के वेतन और भत्तों में हाल ही में ओडिशा विधानसभा द्वारा की गई बढ़ोतरी को स्वीकार नहीं करना चाहता। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप इस राशि का उपयोग हमारे राज्य के गरीब लोगों के कल्याण के लिए करें।’’ ओडिशा के पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके नवीन पटनायक ने कहा कि उन्हें 25 वर्षों से अधिक समय से ओडिशा की जनता का प्यार, स्नेह और समर्थन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है। पटनायक ने कहा, ‘‘मैं ओडिशा के लोगों और उनके द्वारा मेरे एवं मेरे दिवंगत पिता बीजू पटनायक के प्रति दिखाए गए प्रेम का बहुत ऋणी हूं।’’ 

2015 में दान की पुश्तैनी संपत्ति

नवीन पटनायक ने आगे कहा, ‘‘आप (मुख्यमंत्री) शायद इस बात से अवगत हों कि 2015 में हमारे परिवार ने कटक स्थित अपनी पुश्तैनी संपत्ति ‘आनंद भवन’ को ओडिशा के लोगों के उपयोग के लिए दान करने का निर्णय लिया था। इसी भावना से प्रेरित होकर, मैं नेता प्रतिपक्ष के वेतन और भत्तों में हाल ही में ओडिशा विधानसभा द्वारा की गई बढ़ोतरी को स्वीकार नहीं करना चाहता हूं।’’ सूत्रों के अनुसार, पटनायक के दिवंगत पिता बीजू पटनायक जब 1990 से 1995 तक दूसरी बार ओडिशा के मुख्यमंत्री थे, तब वह राज्य विधानसभा से वेतन और भत्ते के रूप में महज एक रुपया लिया करते थे। 

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