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Hindi News भारत राजनीति 'राहुल गांधी को सदन के कामकाज में नहीं, सिर्फ मुद्दे बनाने में दिलचस्पी', किरन रिजिजू का कांग्रेस पर तीखा हमला

'राहुल गांधी को सदन के कामकाज में नहीं, सिर्फ मुद्दे बनाने में दिलचस्पी', किरन रिजिजू का कांग्रेस पर तीखा हमला

किरन रिजिजू ने कहा कि कुछ एनजीओ ने उन्हें यह सिखा-पढ़ा दिया है कि उनकी पार्टी के अच्छे दिन आने वाले हैं। सदन की कार्यवाही में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्हें सिर्फ मुद्दे बनाने में दिलचस्पी है।

Kiren Rijiju- India TV Hindi Image Source : PTI किरण रिजिजू

तवांग: संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को संसद के सुचारू संचालन में कोई दिलचस्पी नहीं है और कुछ गैर सरकारी संगठनों (NGO) ने उन्हें सिखा-पढ़ा दिया है कि उनकी पार्टी के ''अच्छे दिन'' आएंगे, इसीलिए वह सदन को बाधित कर रहे हैं। रिजिजू ने यह भी कहा कि सरकार संसद में स्थिति को शांत करने के लिए कांग्रेस को ''मनाने' के वास्ते कोई और कदम नहीं उठाएगी क्योंकि वे अपने स्तर पर सदन के सुचारू संचालन के लिए कई कोशिश कर चुके हैं लेकिन उनका कोई फायदा नहीं हुआ। 

अगले चुनाव में उनकी सीटें कम हो जाएंगी

उन्होंने यहां एक इंटरव्यू में कहा, ''राहुल गांधी को सदन की कार्यवाही में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्हें सिर्फ मुद्दे बनाने में दिलचस्पी है। राहुल गांधी को कुछ गैर सरकारी संगठनों ने सिखाया-पढ़ाया है कि तुम्हारा समय आएगा, लेकिन उनका समय नहीं आएगा। अगले चुनाव में (लोकसभा में) उनकी सीट और भी कम हो जाएंगी।'' रिजिजू अपने लोकसभा क्षेत्र अरुणाचल पश्चिम के दौरे पर हैं। 

कांग्रेस पूरी तरह से हताश हो चुकी है

उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन को विपक्ष द्वारा सदन बाधित किए जाने से कोई समस्या नहीं है, वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के सी वेणुगोपाल और कुछ अन्य लोगों से बात करने सहित स्थिति को शांत करने के कई प्रयास कर चुके हैं। उन्होंने कहा, '' हम कांग्रेस को मनाने के लिए कुछ भी अतिरिक्त नहीं करेंगे। कांग्रेस हताश है क्योंकि पार्टी लगातार चुनाव हार रही है। वे स्थिति को बदलने के लिए बेताब हैं।'' 

पूरा विपक्ष कांग्रेस के साथ नहीं

केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि संसद में कांग्रेस पर छोटी पार्टियों का दबाव है कि वह सदन को बाधित न करे क्योंकि इससे उनका बोलने का समय बर्बाद हो जाता है। उन्होंने कहा, '' पूरा विपक्ष कांग्रेस के साथ नहीं है। छोटी पार्टियां अपने-अपने दलों के समय का सदुपयोग नहीं कर पा रही हैं। छोटी पार्टियां राहुल गांधी से नाखुश हैं। उनमें से कुछ ने तो अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पर हस्ताक्षर भी नहीं किए हैं।'' 

रिजिजू ने कहा कि अन्य राजनीतिक दलों के कुछ सदस्य उनसे लगातार कह रहे थे कि वे चाहते हैं कि सदन का कामकाज जारी रहे। लोकसभा में बजट सत्र के पहले भाग के ज्यादातर दिनों में व्यवधान और स्थगन की स्थिति रही। दरअसल, राहुल गांधी पूर्व आर्मी चीफ एम एम नरवणे के "अप्रकाशित संस्मरण" के अंशों पर आधारित एक लेख का हवाला देते हुए अपनी बात रखना चाहते थे जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें टोका और लेख का जिक्र करने से मना किया। सदन में अनुशासनहीनता के लिए विपक्ष के आठ सदस्यों को बजट सत्र के शेष समय के लिए सस्पेंड कर दिया गया। विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश किया और उनपर भेदभाव का आरोप लगाया।

लोकसभा अध्यक्ष ने पिछले सप्ताह विपक्ष द्वारा उन्हें उनके पद से हटाने के लिए प्रस्ताव पेश किए जाने के कुछ घंटों बाद सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता करने से स्वयं को अलग करने का फैसला लिया। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी को संसद की संयुक्त बैठक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा संबोधित किए जाने के साथ शुरू हुआ था। बजट सत्र का पहला चरण 12 फरवरी तक चला। केंद्रीय बजट 2026 एक फरवरी को प्रस्तुत किया गया। सत्र का दूसरा चरण नौ मार्च को शुरू होगा और दो अप्रैल तक चलेगा। 

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