नई दिल्ली: कोलकाता में ED रेड के खिलाफ सीएम ममता बनर्जी की पार्टी के सांसदों ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान, वहां मौके पर पुलिस पहुंची और टीएमसी सांसदों को हिरासत में ले लिया। यहां प्रदर्शन करने डेरेक ओ ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और डॉ. शर्मिला सरकार पहुंचे थे।
प्रदर्शन में पुलिस के साथ सांसदों की नोकझोंक
प्रोटेस्ट का जो वीडियो आया है, उसमें पुलिस, टीएमसी सांसदों को पकड़ती दिख रही है। उन्हें जबरन अपने साथ गाड़ी में बैठाती नजर आ रही है। इस बीच, उनमें से एक जमीन पर लोट गए जिन्हें पुलिस ने जबरन उठाया और अपने साथ ले गई।
हाईकोर्ट पहुंचा ED-TMC का टकराव
पश्चिम बंगाल में कुछ महीने बाद विधानसभा चुनाव हैं लेकिन उससे पहले बंगाल की सियासत में जबरस्त घमासान शुरू हो गया है। ED की रेड पर बंगाल में सियासी बवाल मचा हुआ है। मामला कलकत्ता हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। हाईकोर्ट में 2-2 याचिकाएं दाखिल की गई हैं। एक ED की ओर से और दूसरी TMC की तरफ से, दोनों ही याचिकाओं पर सुनवाई होनी है।
ED का ममता बनर्जी पर क्या है आरोप?
ED ने CM ममता बनर्जी पर सबूत चोरी का आरोप लगाया है, तो वहीं ममता, ED पर अमित शाह के इशारे पर TMC का डेटा चुराने का आरोप लगा रही हैं। इसके खिलाफ कोलकाता में पदयात्रा भी निकालने वाली हैं।
हाईकोर्ट करेगा ED की याचिका की सुनवाई
लेकिन सवाल ये है कि आखिर ममता बनर्जी ED के कब्जे से फाइल लेकर क्यों बाहर आ गईं? आखिर उस फाइल में ऐसा क्या था जिससे ममता बनर्जी डर गईं, कोलकाता पुलिस कमिश्नर के साथ प्रतीक जैन के घर पहुंच गईं और वो फाइल कब्जा करके अपने साथ ले गईं। इसी के खिलाफ ED कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची है, जहां उसकी याचिका पर सुनवाई होनी है।
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