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4 पहियों पर चलता-फिरता किला है पुतिन की ये कार, खासियतें जानकर रह जाएंगे हैरान

रूस के राष्ट्रपति पुतिन की औरस सेनाट लिमोजीन एक चलता-फिरता किला है। इसमें 4.4 लीटर ट्विन-टर्बो V8 इंजन, बुलेटप्रूफ सुरक्षा, विस्फोट से सुरक्षा, रन-फ्लैट टायर, केमिकल अटैक से सुरक्षा और मिनी कमांड सेंटर जैसी सुविधाएं हैं। यह कार विदेशी दौरों पर Il-76 एयरक्राफ्ट से ट्रांसपोर्ट होती है।

रूस के राष्ट्रपति...- India TV Hindi Image Source : KREMLIN.RU रूस के राष्ट्रपति पुतिन की औरस सेनाट लिमोजीन।

Vladimir Putin Aurus Senat limousine: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दुनिया के ऐसे राष्ट्राध्यक्षों में शामिल हैं जिनके दोस्तों और दुश्मनों, दोनों की कमी नहीं है। उनकी लाइफस्टाइल भी अक्सर मीडिया की सुर्खियों में जगह पाती रही है। पुतिन 4 और 5 दिसंबर को भारत दौरे पर रहेंगे और ऐसे में आज हम बात करने जा रहे हैं उस शानदार कार की, जिसमें रूसी राष्ट्रपति अक्सर सफर करते नजर आते हैं। जी हां, हम रूस की प्रेसिडेंशियल स्टेट कार औरस सेनाट लिमोजीन के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे रूसी कंपनी औरस ने ही बनाया है। यह कार पहले इस्तेमाल होने वाली मर्सिडीज़-बेंज एस 600 गार्ड पुलमैन की जगह ले चुकी है।

कार में लगा है बेहद ताकतवर इंजन

औरस सेनाट लिमोजीन का डिजाइन सोवियत युग की ZIS-110 लिमोजीन पर आधारित है, जो पुरानी स्टाइल के साथ मॉडर्न डिजाइन को अच्छी तरह मैच करता है। इसमें बड़ा ग्रिल, वर्टिकल स्लैट्स, स्लीक LED हेडलाइट्स और कैब-रियरवर्ड सिल्हूट है, जो इसे रोल्स-रॉयस गोस्ट जैसा लगता है, लेकिन इसमें रूसी पहचान साफ नजर आती है। यह कार 4.4 लीटर के ट्विन-टर्बो V8 हाइब्रिड इंजन से लैस है, जो 598 हॉर्सपावर और 880 एनएम टॉर्क देता है। इसमें 46 किलोवॉट का इलेक्ट्रिक मोटर और नाइन-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स है, जो ऑल-व्हील-ड्राइव के साथ शानदार परफॉर्मेंस देता है।

Image Source : aurusmotors.comऔरस सेनाट लिमोजीन का इंटीरियर कुछ ऐसा है।

दफ्तर का भी काम करती है यह कार

वजन कई टन होने और लंबाई लगभग 7 मीटर होने के बावजूद, यह गाड़ी काफी तेज और आरामदायक है। कार में यात्रियों के लिए प्रीमियम लेदर अपहोल्स्ट्री, पॉलिश्ड वुड ट्रिम और 2 इंफोटेनमेंट डिस्प्ले जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। एडवांस्ड ड्राइवर-असिस्टेंस फीचर्स जैसे एडाप्टिव क्रूज कंट्रोल और पेडेस्ट्रियन इमरजेंसी ब्रेकिंग इसकी सुरक्षा में इजाफा करते हैं। पीछे की सीटें अलग-अलग रिक्लाइनिंग हैं, और इसमें फोल्ड-आउट टेबल्स और मिनी-फ्रिज भी है, जो इसे एक चलता-फिरता दफ्तर बनाते हैं। बता दें कि इसी कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साथ पुतिन की छोटी सी मीटिंग ने पूरी दुनिया में चर्चा बटोरी थी।

Image Source : aurusmotors.comऔरस सेनाट लिमोजीन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन।

कितनी सुरक्षित है पुतिन की ये कार?

पुतिन की यह कार जान बचाने की क्षमता के साथ-साथ हमला करने की भी अचूक क्षमता से लैस है। इस कार को रूस में NAMI (सेंट्रल साइंटिफिक रिसर्च ऑटोमोबाइल एंड ऑटोमोटिव इंजन इंस्टीट्यूट) ने 'कोर्तेज' प्रोजेक्ट के तहत बनाया है। औरस सेनाट को पहली बार 2018 में व्लादिमीर पुतिन के चौथे शपथ ग्रहण समारोह में सबके सामने पेश किया गया था। इसे औरस मोटर्स और NAMI ने मिलकर तैयार किया है। ऑरस सेनाट की मुख्य खासियतें कुछ इस तरह हैं:

  1. बुलेटप्रूफ कवच: गाड़ी का पूरा बॉडी और शीशे बहुत ही सख्त मटीरियल से बने हैं। ये VR10 स्तर की बख्तरबंद सुरक्षा देते हैं, यानी आर्मर-पियर्सिंग (कवच भेदक) गोलियों और हैंड ग्रेनेड के हमले को भी रोक सकते हैं।
  2. मोटे बुलेटप्रूफ शीशे: खिड़कियों के शीशे बुलेटप्रूफ हैं और इनकी मोटाई लगभग 6 सेंटीमीटर (लगभग 2.4 इंच) है।
  3. विस्फोट से सुरक्षा: गाड़ी के नीचे का हिस्सा ब्लास्ट-प्रूफ है, यानी सड़क पर रखे बम या माइन के धमाके से भी अंदर बैठे लोग सुरक्षित रहते हैं।
  4. रन-फ्लैट टायर: टायर गोली लगने या पंक्चर होने पर भी खराब नहीं होते। हवा निकल जाने के बाद भी गाड़ी लंबी दूरी तक तेज रफ्तार से भाग सकती है।
  5. आग बुझाने की ऑटोमैटिक व्यवस्था: अगर इंजन या गाड़ी के नीचे आग लग जाए, तो कार का सिस्टम अपने आप आग का पता लगाकर उसे बुझा देता है।
  6. केमिकल/गैस अटैक से सुरक्षा: केबिन में विशेष एयर फिल्टर और अतिरिक्त ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम है, ताकि जहरीली गैस या केमिकल हमले में भी सांस लेने में दिक्कत न हो।
  7. सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम: अंदर और बाहर की बातचीत पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहती है, कोई हैक नहीं कर सकता।
  8. आपातकालीन निकास: अगर दरवाजे न खुलें, तो पीछे का शीशा खुल जाता है, जिससे तुरंत बाहर निकला जा सकता है।
  9. मिनी कमांड सेंटर: यह गाड़ी एक चलते-फिरते कमांड सेंटर की तरह काम करती है, जिसमें सारे जरूरी कंट्रोल और कम्युनिकेशन सुविधाएं मौजूद हैं।

बता दें कि इस गाड़ी की सारी सुरक्षा सुविधाओं का पूरा विवरण गोपनीय रखा जाता है। पुतिन की कार में मौजूद बाकी के सुरक्षा उपकरणों की जानकारी पब्लिक डोमेन में मौजूद नहीं है। लेकिन इतना मानकर चलिए कि रूसी राष्ट्रपति की यह कार 4 पहियों पर चलते-फिरते एक किले का काम करती है।

Image Source : Mil.ruविदेशी दौरों पर कार को इल्यूशिन Il-76 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से ले जाया जाता है।

इल्यूशिन Il-76 से ट्रांसपोर्ट होती है यह कार

विदेशी दौरों पर यह कार इल्यूशिन Il-76 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से ले जाई जाती है। प्रेसिडेंशियल मोटरकेड को आमतौर पर उराल या BMW मोटरसाइकिलों से एस्कॉर्ट किया जाता है। साथ में मर्सिडीज़ जी-क्लास, मर्सिडीज ई-क्लास, एस-क्लास, BMW 5 सीरीज, फॉक्सवैगन कैरावेल और/या शेव्रोले सपोर्ट व्हीकल्स होते हैं। बता दें कि रूसी राष्ट्रपति के लिए राष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट सेवाएं स्पेशल पर्पज गैरेज (SPG) देता है, जो फेडरल प्रोटेक्टिव सर्विस का हिस्सा है।

रूसी राष्ट्रपतियों की पुरानी कारें कैसी थीं?

सोवियत संघ के समय में कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल सेक्रेटरी हमेशा सोवियत-निर्मित ZIL-41052 में चलते थे। क्रेमलिन गैरेज में 2 ZIL लिमोजीन अभी भी रखी हैं और विजय दिवस की मिलिट्री परेड में कभी-कभी इस्तेमाल होती हैं। रूसी राष्ट्रपति द्वारा इस्तेमाल की गई पहली विदेशी लिमोजीन W140 मर्सिडीज-बेंज एस-क्लास थी, जो बोरिस येल्तसिन के लिए खरीदी गई। इसके बाद W220 और फिर W221 आईं। मेदवेदेव के शपथ ग्रहण के लिए एक स्पेशल कैराट डुशाटेलेट लिमोजीन ऑर्डर की गई थी। पुतिन की मर्सिडीज S600 पुलमैन गार्ड थी, जो मर्सिडीज-बेंज ने खुद बनाई थी। तो कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि रूसी राष्ट्रपतियों की आधिकारिक कारें पिछले कई दशकों से मजबूती और स्मार्टनेस का प्रतीक रही हैं।

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