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Hindi News भारत राजनीति 'देश के टैक्स का पैसा पाकिस्तानियों पर खर्च नहीं होने देंगे', CAA के विरोध में बोले फिर अरविंद केजरीवाल

'देश के टैक्स का पैसा पाकिस्तानियों पर खर्च नहीं होने देंगे', CAA के विरोध में बोले फिर अरविंद केजरीवाल

दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार का पैसा हमारे टैक्स का पैसा है। इसे पाकिस्तानियों पर खर्च करना हमें मंजूर नहीं है। इससे पहले बुधवार को भी केजरीवाल ने सीएए पर बयान जारी किया था।

सीएए के विरोध में उतरे केजरीवाल। - India TV Hindi Image Source : ANI सीएए के विरोध में उतरे केजरीवाल।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल CAA के विरोध में खुलकर उतर गए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कह दिया है कि वह सीएए के फैसले को मंजूर नहीं करेंगे। बता दें कि केंद्रीय गृ मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को ANI को दिए इंटरव्यू में सीएए पर जारी सभी तरह के आशंकाओं और विवाद पर जवाब दिए हैं। इसके बाद केजरीवाल ने भी इस मुद्दे पर दोबारा से प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का ऐलान किया। केजरीवाल ने कहा है कि CAA के कारण होने वाला माइग्रेशन आजादी के समय से भी बड़ा होगा। 

क्या बोले केजरीवाल?

केजरीवाल ने कहा है कि हम अपने बच्चों को रोजगार देने में असमर्थ हैं। उनके लिए रोजगार और घर कहां आएंगे। अपने देश में इतनी गरीबी है, उन्हें कहां से लएंगे। केजरीवाल ने कहा कि आजादी के बाद काफी माइग्रेशन हुआ। अब जो CAA के कारण माइग्रेशन होगा वो आजादी के दौरान से बड़ा होगा। केजरीवाल ने कहा कि पहले घुसपैठिए डरते थे कि उन्हें भारत से निकाल दिया जाएगा। लेकिन अब उनके मन से डर निकल जाएगा।  

हमारे टैक्स का पैसा 

दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार का पैसा हमारे टैक्स का पैसा है। इसे पाकिस्तानियों पर खर्च करना हमें मंजूर नहीं है। केजरीवाल ने कहा कि अगर आपके घर के सामने पाकिस्तानियों की झुग्गियां बसाई जाएंगी तो क्या ये सही होगा। येक्या बहु बेटियां सुरक्षित रहेंगी? केजरीवाल ने कहा कि सरकार पड़ोसी देशों से गरीब लोगों को भारत में बसाना चाहती है। 

केजरीवाल आपा खो बैठे हैं- गृह मंत्री अमित शाह

इससे पहले बुधवार को भी केजरीवाल ने सीएए पर बयान जारी किया था। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अपने भ्रष्टाचार के उजागर होने से अपना आपा खो बैठे हैं। उन्हें पता नहीं है कि ये लोग भारत में आ चुके हैं और भारत में रह रहे हैं। अगर उन्हें इतनी ही चिंता है तो वे बांग्लादेशी घुसपैठियों की बात नहीं करते या रोहिंग्या का विरोध क्यों नहीं करते? वे वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं, वे विभाजन की पृष्ठभूमि भूल गए हैं, उन्हें शरणार्थी परिवारों से मिलना चाहिए।

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