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Hindi News भारत उत्तर प्रदेश आपदा में यूपी ने जो उत्कृष्ट कार्य किया, वह बना देश के लिए उदाहरण: सीएम योगी

आपदा में यूपी ने जो उत्कृष्ट कार्य किया, वह बना देश के लिए उदाहरण: सीएम योगी

सीएम योगी ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान राजस्व विभाग और राहत आयुक्त कार्यालय ने बहुत बड़ा कार्य किया है। प्रदेश के 35 लाख कामगारों एवं श्रमिकों को विषम परिस्थितियों में घर वापस आना पड़ा।

CM Yogi Adityanath- India TV Hindi Image Source : PTI CM Yogi Adityanath

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को दावा किया कि आपदा के समय राज्य ने उत्कृष्ट स्तर का जो कार्य किया है वह देश के लिए एक मिसाल बना। उन्होंने कहा, ''जब हम एक टीम के रूप में काम करते हैं और पूरा सिस्टम उसके साथ जुड़ता है तो उसके परिणाम भी सकारात्मक आते हैं।''

सीएम योगी ने कहा, ''आपदा के दौरान प्रदेश ने उत्कृष्ट स्तर का कार्य किया, जो देश के लिए एक उदाहरण बना है। वर्तमान में पूरी दुनिया वैश्विक महामारी कोविड-19 से जूझ रही है। संकट के समय में सभी का एकजुट होना बेहद जरूरी है।''

मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास पर प्रदेश में आए 10 लाख 48 हजार 166 श्रमिक परिवारों के खातों में डीबीटी (प्रत्यक्ष नकदी अंतरण) के माध्यम से 104 करोड़ 82 लाख रुपये के आनलाइन हस्तांतरण संबंधी कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इसके माध्यम से प्रति परिवार 1000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी गयी।

सीएम योगी ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान राजस्व विभाग और राहत आयुक्त कार्यालय ने बहुत बड़ा कार्य किया है। प्रदेश के 35 लाख कामगारों एवं श्रमिकों को विषम परिस्थितियों में घर वापस आना पड़ा। उन्होंने बताया कि वापस आए श्रमिकों एवं कामगारों को कच्ची खाद्य सामग्री युक्त खाद्यान्न किट दी जा रही है। अब तक 14 लाख परिवारों को राशन किट उपलब्ध करायी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कामगारों एवं श्रमिकों के लिए रोजगार देने के उद्देश्य से एक आयोग के गठन की कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश में इनकी स्किल मैपिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्किल मैपिंग होने के बाद इन कामगारों के बैंक खातों की सूची शासन को उपलब्ध करायी जाए। 

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में आने वाले कामगारों एवं श्रमिकों को 1000 रुपये भरण-पोषण भत्ते के रूप में उपलब्ध कराया जा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर ‘बाल श्रमिक विद्या योजना’ का शुभारम्भ किया गया। इसका उद्देश्य 08-18 आयु वर्ग के कामकाजी बच्चों को बाल श्रम से अलग कर शिक्षा से जोड़ना है। श्रमिकों की पुत्रियों की शादी के लिए भी श्रम विभाग द्वारा एक कार्य योजना तैयार की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान विभिन्न राज्यों से सर्वाधिक प्रवासी कामगार व श्रमिक उत्तर प्रदेश में आए। इनकी सुविधा के लिए 1,650 से अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर उत्तर प्रदेश में आयी। कामगारों एवं श्रमिकों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाने के लिए परिवहन निगम की 12,000 से अधिक बसों का संचालन किया गया।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने कोविड-19 से लड़ने के लिए कोविड अस्पतालों में एक लाख से अधिक बेड की व्यवस्था की है। सभी जनपदों में कोरोना की जांच के लिए ट्रूनैट मशीनें उपलब्ध करायी गयी हैं। सरकार द्वारा कोरोना का निःशुल्क इलाज किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जनपद गोरखपुर, वाराणसी, आजमगढ़, झांसी, सिद्धार्थनगर तथा गोण्डा के लाभार्थियों से संवाद किया।

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