नई दिल्ली। उन्नाव में हुए जघन्य बलात्कार और फिर पीड़िता की कार की दुर्घटना को लेकर सामाजिक और राजनीतिक जगत से इंसाफ की मांग तेज हो गई है। इस बीच कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट कर इस मामले में तेजी से इंसाफ करने और दोषियों को सजा देने की मांग उठाई है। लेकिन इंसाफ की इस लड़ाई के बीच प्रियंका गांधी से एक बड़ी चूक हो गई। अपने ट्वीट में प्रियंका गांधी ने एफआईआर की कॉपी लगाई है जिसमें रेप पीड़िता का नाम साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि गलती का अहसास होने के बाद प्रियंका गांधी ने अपने ट्विटर अकाउंट से यह ट्वीट हटा दिया है।
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने भी पूर्व में दिए गए अपने निर्णयों में रेप पीड़िता और उसके परिवार के सदस्यों का नाम एवं उसके पते से जुड़ी जानकारियां प्रकाशित न करने का निर्देश दिया है। लेकिन इंसाफ दिलाने की दौड़ में प्रियंका गांधी से आज यह चूक हो गई। प्रियंका ने ट्वीट किया उसमें रेप पीड़ित का नाम लिख दिया। इसे लेकर अब एक नए सिरे से बहस शुरू हो गई है। इंडिया टीवी आपको इस ट्वीट का स्क्रीनशॉट दिखा रहा है। लेकिन अपनी जिम्मेदारी समझते हुए हमने इस एफआईआर रिपोर्ट के हिस्से से पीड़िता का नाम हटा दिया है।
क्या लिखा है ट्वीट में
प्रियंका ने ट्वीट कर लिखा है कि आखिर हम कुलदीप सेंगर जैसे लोगों को इतनी ताकत और राजनीतिक संरक्षण कैसे दे देते हैं और पीड़ितों को अपनी लड़ाई अकेले लड़ने लड़ने के लिए छोड़ देते हैं। FIR से साफ है कि परिवार को डराया धमकाया गया था और वो सहमा हुआ था। इसमें सुनियोजित दुर्घटना की संभावना का भी जिक्र है।
Latest Uttar Pradesh News