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Hindi News भारत उत्तर प्रदेश "दंगाइयों के सिर्फ पोस्टर हटेंगे, उनके खिलाफ धाराएं नहीं", मुख्यमंत्री योगी के सलाहकार का बयान

"दंगाइयों के सिर्फ पोस्टर हटेंगे, उनके खिलाफ धाराएं नहीं", मुख्यमंत्री योगी के सलाहकार का बयान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के मीडिया सलाहकार ने कहा कि दंगाइयों के पोस्टर हटाने के हाइकोर्ट के आदेश को सही परिपेक्ष्य में समझने की ज़रूरत है। सिर्फ उनके पोस्टर हटेंगे, उनके खिलाफ लगी धाराएं नही।

Yogi Adityanath's media advisor Mrityunjay Kumar- India TV Hindi Image Source : @FACEBOOK Yogi Adityanath's media advisor Mrityunjay Kumar

उत्तर प्रदेश में दंगाईयों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों से हाटाने को लेकर कोर्ट के निर्देश के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के मीडिया सलाहकार ने कहा कि दंगाइयों के पोस्टर हटाने के हाइकोर्ट के आदेश को सही परिपेक्ष्य में समझने की ज़रूरत है। सिर्फ उनके पोस्टर हटेंगे, उनके खिलाफ लगी धाराएं नही। दंगाइयों की पहचान उजागर करने की लड़ाई हम आगे तक लड़ेंगे। योगीराज में दंगाइयों से "नरमी" असंभव है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पिछले साल 19 दिसंबर को नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसा हुई थी, जिसमें बड़े पैमाने पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था। इसके जवाब में यूपी सरकार ने उपद्रव में शामिल लोगों से वसूली करने का फैसला किया था। इस संबंध में दंगाईयों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए थे। 

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इस मामले में रविवार को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट से फैसला सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि इस मामले पर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर ने स्वत: संज्ञान लेते हुए रविवार को सुनवाई की इससे पहले चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर ने योगी सरकार को भी नोटिस जारी किया, कोर्ट ने पूछा है कि आखिरकार किस नियम के तहत ये पोस्टर लगाए गए। कोर्ट ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी को तलब किया। 

अब 76 साल के पूर्व आईपीएस अधिकारी श्रवण राम दारापुरी, सामाजिक कार्यकर्ता सदफ जाफर, कलाकार दीपक कबीर, वकील मोहम्मद शोएब और ऐसे ही 57 लोगों को लखनऊ हिंसा का जिम्मेदार बताते हुए प्रशासन ने जगह-जगह पोस्टर लगाए हैं। 

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