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Hindi News भारत उत्तर प्रदेश इंजिनियरिंग स्टूडेंट ने बनाया सैनिकों को ठंड और दुश्मनों से बचाने वाला स्मार्ट कैंप

इंजिनियरिंग स्टूडेंट ने बनाया सैनिकों को ठंड और दुश्मनों से बचाने वाला स्मार्ट कैंप

मेरठ के एमआईईटी इंजिनियरिंग कॉलेज के अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर के अविष्कारक श्याम चौरसिया ने यह कैम्प तैयार किया है, जो न सिर्फ बर्फीली सीमा पर तैनात जवानों को सर्दी से बचाएगा।

smart army camp- India TV Hindi Image Source : IANS स्मार्ट आर्मी कैंप

Highlights

  • ठंड से जवानों को मिल सकती है राहत
  • स्मार्ट आर्मी कैंप को बनाने वाला छात्र मेरठ का है
  • MIIT इंजिनियरिंग कॉलेज के अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर में हुआ है तैयार

Smart Army Camp: हमारे देश के जवान किस तरह की भयंकर ठंड में भी राष्ट्र की रक्षा के लिए तैनात रहते हैं, ये हर कोई जानता है। ऐसी भयंकर ठंड होती है जिसके बारे में सुनकर ही आमजनों की हाड़ कांप जाती है। इसलिए एक इंजिनियरिंग स्टूडेंट ने सैनिकों के लिए स्मार्ट कैंप बनाया है। इस कैंप के कारण जवानों को सर्दी में राहत मिल सकती है और ये दुश्मनों पर भी नजर रखेगा।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस की जानकारी के अनुसार, मेरठ के एमआईईटी इंजिनियरिंग कॉलेज के अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर के अविष्कारक श्याम चौरसिया ने यह कैम्प तैयार किया है, जो न सिर्फ बर्फीली सीमा पर तैनात जवानों को सर्दी से बचाएगा, बल्कि उन्हें तकरीबन 50 किमी दूर तक दुश्मन सेना पर नजर भी रखेगा।

चार्जेबल है स्मार्ट कैंप
श्याम चौरसिया ने बताया कि इस कैंप के अंदर छोटे-छोटे हीटर प्लेट्स लगे हैं। इन्हें हीट करने के लिये सोलर या बिजली की जरुरत नहीं है, बल्कि इन हीटर प्लेट्स को कैंप में रहने वाले जवान अपने हाथों से एक फिजिकल रोटेड चार्जर की मदद से चार्ज कर सकते हैं। बैकअप के लिए इसमें बैटरी भी है। जरुरत पड़ने पर इलेक्ट्रिक को जमा कर बाद में इस्तेमाल किया जा सकता।

दुश्मनों पर नजर
श्याम अपनी खोज को लेकर कहते हैं, इसमें लगे हाईटेक सेंसर्स दुश्मनों की आहट को 50 किलोमीटर दूर से भांप लेगी और कैंप में रहने वाले जवानों को अलर्ट भी करेगी। समय रहते जवान अलर्ट होंगे और दुश्मनों के हमलों से अपना बचाव भी कर सकेगें। चार्जेबल स्मार्ट आर्मी कैंप में 4 ह्यूमन रेडयो सेंसर लगे हैं। ये दुश्मन के नजदीक आने की जानकारी जवानों तक पहुंचाने में मदद करेंगे। यह रेडियो ह्यूमन सेंसर, रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिये जवानों के कैंप से जुड़ा होता है।

स्मार्ट कैंप बनाने का खर्च
चौरसिया का कहना है कि इस आर्मी कैम्प को तैयार करने के लिये मेरठ के एसीआईसी-एमएईटी से फंडिंग मिली। तकरीबन 2,40,00 रुपये का खर्च आया है। इससे प्रोजेक्ट को और बेहतर बनाया जा सका है। बनाने में एक हफ्ते का समय लगा है। 

'कैंप को बुलेटप्रुफ बना सकता हूँ'
श्याम चौरसिया का कहना है कि "मुझे मदद मिले तो मैं इस कैंप को बुलेटप्रुफ बना सकता हूँ। इसमें आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है।" एमआईईटी के वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल ने बताया कि "कॉलेज के अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर में आईडिया इनोवेशन रिसर्च लैब है। इनोवेटर के साथ मिल कर छात्रों द्वारा काम किया जा रहा है। समस्याओं को अपने नये-नये अविष्कार व नवाचार के जरिये हल कर रहे हैं। श्याम का प्रोजेक्ट स्मार्ट आर्मी कैंप देश के जवानों की सुरक्षा के लिये अच्छा प्रयास साबित होगा। श्याम द्वारा बनाये गये प्रोजेक्ट के सहयोग व मार्गदर्शन लिये प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री को पत्र लिखा गया है।"

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