श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले से एक दिल को दहला देने वाला मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिले में एक मानसिक रूप से अक्षम नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और उसे गर्भवती करने के मामले में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, नाबालिग के साथ ये घिनौना काम करने वालों में से एक आरोपी बिहार का रहने वाला है। पुलिस ने DNA जांच के जरिए इस जघन्य अपराध के दोषियों का पता लगाया और इसके साथ ही एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
पुलिस को DNA जांच में क्या पता चला?
पुलिस के अनुसार, जनवरी में कुंजर पुलिस स्टेशन को सूचना मिली थी कि मागम इलाके के एक अस्पताल में 16 साल की एक नाबालिग लड़की की मेडिकल जांच के दौरान पता चला कि वह 25 हफ्तों की गर्भवती है। इसके बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट, 2012 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले मोहम्मद रफीक भट (धोबीवान) और मोहम्मद नसरुल्लाह खान (हायहामा, लोलाब, कुपवाड़ा) को गिरफ्तार किया। इन पर बलात्कार, यौन शोषण और अपहरण का आरोप था, लेकिन DNA जांच में पता चला कि ये दोनों गर्भ के पिता नहीं थे।
DNA एक से मैच तो तीनों आरोपी क्यों?
पुलिस ने अपनी जांच जारी रखी और बिहार के चंपारण निवासी जवाद आलम को मुख्य संदिग्ध के रूप में चिह्नित किया। DNA टेस्ट में पुष्टि हुई कि जवाद ही गर्भ का जैविक पिता है और उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। जांच में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपियों ने अलग-अलग मौकों पर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया, जिसमें जवाद की वजह से वह गर्भवती हुई। पुलिस प्रवक्ता ने कहा, 'यह मामला हमारी संवेदनशील और वैज्ञानिक जांच का नतीजा है। हमने तकनीक और मेहनत से सभी दोषियों को पकड़ा। बच्चों के खिलाफ अपराधों के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस नीति है और हम इन अपराधियों को कड़ी सजा दिलवाएंगे।'