जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में कहा है कि अगर केंद्र सरकार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को वापस ला सकती है तो उसे आज ही ऐसा करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने चीन के कब्जे वाले हिस्से का भी जिक्र किया, जिसे पाकिस्तान ने 1963 में चीन को सौंप दिया था। उमर अब्दुल्ला विधानसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान पर बात कर रहे थे, जब उन्होंने केंद्र सरकार से यह अपील की। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा और कहा कि करगिल युद्ध के समय पाकिस्तान से कश्मीर वापस लेने का मौका था, लेकिन भारत सरकार ने ऐसा नहीं किया।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बोलते हुए सीएम उमर अब्दुल्ला ने पीओके पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के बयान पर यह टिप्पणी की। जयशंकर ने ब्रिटेन दौरे पर कश्मीर से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि अगर पाकिस्तान PoK खाली कर देता है तो यह मसला हल हो जाएगा। इससे पहले भी वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को वापस लेने की बात कहते रहे हैं।
उमर उब्दुल्ला का बयान
उमर अब्दुल्ला ने कहा, "विदेश मंत्री ने कहा है कि वे कश्मीर का वह हिस्सा (जो पाकिस्तान के नियंत्रण में है) वापस लाएंगे। क्या हमने उन्हें कभी रोका? अगर आप (केंद्र सरकार) उसे वापस ला सकते हैं, तो अभी लाएं। एक हिस्सा पाकिस्तान के पास है, लेकिन दूसरा हिस्सा चीन के पास है, कोई इस बारे में बात क्यों नहीं करता?"
विदेश मंत्री ने क्या कहा था?
ब्रिटेन की यात्रा पर गए जयशंकर ने चैथम हाउस में आयोजित कार्यक्रम में कहा था, ‘‘अनुच्छेद-370 को हटाना पहला कदम था, कश्मीर में विकास, आर्थिक गतिविधियों और सामाजिक न्याय को बहाल करना दूसरा कदम था तथा बहुत अधिक मतदान के साथ चुनाव कराना तीसरा कदम था।’’ विदेश मंत्री ने कश्मीर मुद्दे के ‘‘समाधान’’ के बारे में एक श्रोता के सवाल का जवाब देते हुए कहा था, ‘‘मुझे लगता है कि हम जिस चीज का इंतजार कर रहे हैं, वह कश्मीर के चुराए गए हिस्से की वापसी है, जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में है। जब ऐसा हो जाएगा, तो मैं आपको आश्वासन देता हूं कि कश्मीर मुद्दे का समाधान हो जाएगा।’’
पाकिस्तान और चीन के पास भारत का कितना हिस्सा?
चीन ने पिछले छह दशकों से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर रखा है। इसके अलावा, 1963 में हस्ताक्षरित तथाकथित चीन-पाकिस्तान 'सीमा समझौते' के तहत पाकिस्तान ने अवैध रूप से 5,180 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र चीन को सौंप दिया था। पाकिस्तान के पास पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर और गिलगित-बल्तिस्तान है। पाकिस्तान ने 1947-48 में हुए युद्ध के दौरान पाकिस्तानी आक्रमण के बाद यह इलाका अपने कब्जे में ले लिया था।