रियासी: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में इस साल की पहली बर्फबारी देखने को मिली है। गुरुवार को त्रिकुटा पर्वत पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई, जिससे पूरे तीर्थयात्रा मार्ग पर एक से बढ़कर एक खूबसूरत नजारे देखने को मिले। भद्रवाह घाटी में भी शुक्रवार सुबह सीजन की पहली बर्फबारी होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ कश्मीर घूमने आए लोगों में भी खुशी का माहौल फैल गया। भद्रवाह की सड़कें और गलियां बर्फ की सफेद कंबल से ढकी नजर आने लगीं, जिससे पूरे इलाके की खूबसूरती और बढ़ गई।
कई मशहूर पर्यटक स्थलों पर भी हुई बर्फबारी
बता दें कि भद्रवाह पुलिस और जिला प्रशासन ने बर्फबारी को देखते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। जम्मू जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन बटोटे में भी भारी बर्फबारी हुई। जम्मू प्रांत के मशहूर पर्यटन स्थल पटनीटॉप, नाथाटॉप, सनासर और बटोटे में भी इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई। इससे पर्यटन पर निर्भर लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। होटल मालिक, टैक्सी ड्राइवर, खच्चर या घोड़े वाले, फोटोग्राफर, दुकानदार और ठेले वाले सभी खुश हैं।
बारिश और बर्फबारी से कई फायदे मिलने की उम्मीद
शुक्रवार की सुबह जब इन इलाकों के लोग सोकर उठे तो अपने घरों के आसपास बर्फ की सफेद चादर देखकर हैरान रह गए। मौसम वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी के अनुसार, जम्मू प्रांत में आधी रात से बारिश शुरू हुई थी, जो धीरे-धीरे तेज होती गई और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी में बदल गई। इस बारिश और बर्फबारी से कई फायदे मिलने की उम्मीद है। इसकी वजह से बिजली उत्पादन में सुधार होगा जो काफी कम हो गया था, और साथ ही भूजल स्तर बढ़ेगा, जिससे झरने, कुएं और बावड़ियां फिर से जीवित होंगी। यह फल और सब्जी उत्पादन के लिए भी अच्छा रहेगा।
बर्फबारी से पर्यटन में उछाल आने की उम्मीद
बारिश और बर्फबारी की वजह से वातावरण में धूल और प्रदूषण कम होगा, जिससे लोगों के स्वास्थ्य को फायदा पहुंचेगा। इन पर्यटन स्थलों पर अब पर्यटकों की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है, खासकर माता वैष्णो देवी मंदिर से आने वाले श्रद्धालु बर्फबारी का मजा जरूर लेना चाहेंगे। अप्रैल में पहलगाम नरसंहार, उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर और बारिश से आई आपदाओं के कारण सूबे में पर्यटन काफी प्रभावित रहा था। अब बर्फबारी से पर्यटन में उछाल आएगा, जिससे होटल मालिकों और अन्य लोगों को हुए नुकसान की कुछ भरपाई हो सकेगी, साथ ही साथ छोटे व्यापारियों और ठेले वालों को भी रोजगार मिलेगा।