जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी (पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) नेता महबूबा मुफ्ती का कहना है कि जम्मू कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की वापसी जरूरी है। उन्होंने उपराज्यपाल से मुलाकात कर कई विषयों पर चर्चा की और अपनी कई मांगें भी उपराज्यपाल के सामने रखीं। इस मुलाकात के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि उन्होंने एलजी से मुलाकात की और फिर से कश्मीरी पंडितों की वापसी पर जोर दिया।
मुफ्ती ने कहा कि सैन्य शांति नहीं होगी और उन्हें लगता है कि कश्मीरी पंडितों के बिना कोई राजनीतिक प्रक्रिया पूरी नहीं होती। उन्होंने एलजी को एक दस्तावेज सौंपा है, उसे उमर अब्दुल्ला और गृह मंत्री को भी भेजेंगी।
एक-एक कर लौटेंगे कश्मीरी पंडित
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा "कश्मीरी पंडितों का एक बड़ा हिस्सा घाटी से बाहर है और पीएम पैकेज के तहत काम करने वाले लोग ट्रांसफर की प्रक्रिया को लेकर बहुत परेशान हैं। ऐसी नीति में उन्हें उस जगह काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए, जहां पीएम पैकेज के कर्मचारी नहीं जाना चाहते। उन्होंने आगे कहा "कश्मीरी पंडितों का एक दिन में वापस लौटना संभव नहीं है, लेकिन जैसे-जैसे जम्मू और अन्य इलाकों में माहौल बेहतर होता जाएगा, वे एक-एक करके आएंगे। मैं सरकार से अनुरोध करती हूं कि राजनीतिक रूप से भी उनके लिए आरक्षण बनाए रखें।"
अमरनाथ यात्रा पर भी बात हुई
पीडीपी नेता ने बताया "अमरनाथ यात्रा पर हमने एलजी से बात की और हमने इस बात पर जोर दिया कि कश्मीरी लोग यात्रा में भाग लेने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हमने पीडीपी के तौर पर एलजी से निर्देश मांगा कि हम इसके लिए क्या कर सकते हैं। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि ईद आ रही है और हमने एलजी से जेल में बंद लोगों को कश्मीर वापस लाने का अनुरोध किया है।"
उमर अब्दुल्ला पर क्या बोलीं ?
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को लेकर उन्होंने कहा कि अगर वह अपनी मध्यस्थता का इस्तेमाल करने को तैयार नहीं हैं, तो हम इसमें क्या कर सकते हैं। वह खुद अपनी शक्ति कम कर रहे हैं। इसके बाद मुफ्ती ने कहा "मैं कश्मीरी पंडितों का स्वागत करने के लिए मेला खीर भवानी जाऊंगी और यह राजनीतिक रूप से नहीं बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी किया जाना चाहिए।"