कई दिन चले हवाई हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम का ऐलान कर दिया गया। इस पर अब पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती का बयान सामने आया है। महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को शांतिपूर्ण तरीके तलाशने के लिए ‘राजनीतिक रूप से दंडित’ नहीं किया जाना चाहिए। विपक्ष को राजनीति से ऊपर उठकर शांति एवं स्थिरता के लिए वास्तविक प्रयासों का समर्थन करना चाहिए।
राष्ट्रीय आम सहमति बनाने की जरूरत
मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘मैं सभी विपक्षी दलों से अपील करती हूं कि वे बिना सोचे-समझे आलोचना करने या राजनीतिक फायदा देखने की प्रवृत्ति से बचें। जिस तरह पहलगाम की घटना ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक आवाजें एक कर दीं, उसी तरह शांति प्रक्रिया के इर्द-गिर्द राष्ट्रीय आम सहमति बनाने की जरूरत है, जो राष्ट्रीय हितों की रक्षा करे।’
तनावपूर्ण समय में भी बातचीत संभव
पीडीपी प्रमुख ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्रियों अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह जैसे नेताओं ने साबित कर दिया कि सुरक्षा या संप्रभुता से समझौता किए बिना, तनावपूर्ण समय में भी सीमा पार बातचीत संभव है।
शांति और स्थिरता के प्रयासों का समर्थन करना चाहिए
मुफ्ती ने कहा, ‘मोदी सरकार को शांतिपूर्ण तरीके तलाशने के लिए राजनीतिक रूप से दंडित नहीं किया जाना चाहिए। यह विभाजन का नहीं, बल्कि सभी के साथ आने का समय है। विपक्षी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर शांति और स्थिरता के लिए वास्तविक प्रयासों का समर्थन करना चाहिए।’
बुलडोजर कार्रवाई पर कसा तंज
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमारे देश में उन्मादी भीड़ लंबे समय से मुगल शासक औरंगजेब को दंडित करने के लिए दुकानों में तोड़फोड़ कर रही है, मस्जिदों पर बुलडोजर चला रही है और कब्रें खोद रही है, वहीं सीमा पार उनके हमनाम एयर वाइस मार्शल औरंगजेब अहमद अपने सुरक्षा बलों को आधुनिक हवाई युद्ध के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं।’ (भाषा के इनपुट के साथ)