श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में शराब की दुकानों को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। इस मुद्दे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर ही मतभेद सामने आ गए हैं। बारामूला से सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है और उन पर पार्टी की नीति से हटने का आरोप लगाया है। मेहदी ने ANI से कहा कि अब्दुल्ला का जवाब 'अहंकार से भरा' था, जिसमें किसी तरह का तर्क नहीं था। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान NC ने साफ वादा किया था कि जिन शराब दुकानों को खोला गया है, उन्हें बंद किया जाएगा, लेकिन अब CM इस वादे से पीछे हटते दिख रहे हैं।
'CM का रवैया पार्टी की सोच के खिलाफ'
सांसद ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर सवाल पूछने वालों को डांटने जैसा जवाब दिया और उन्हें 'नशेड़ी' तक कह दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा आमतौर पर भारतीय जनता पार्टी की होती है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब यही भाषा कश्मीरी लोगों के लिए इस्तेमाल की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का रवैया पार्टी की मूल सोच के खिलाफ है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शराब दुकानों पर सरकार की नीति का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि सरकार शराब के सेवन को बढ़ावा नहीं दे रही है, बल्कि उन लोगों को विकल्प दे रही है जिनके धर्म में इसकी अनुमति है।
'शराब की नई दुकानें नहीं खोली गई हैं'
उमर अब्दुल्ला ने साफ किया कि अब तक जम्मू-कश्मीर में किसी भी सरकार ने पूरी तरह शराब पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि शराब की दुकानें ऐसी जगह न खोली जाएं, जहां वे युवाओं को गलत दिशा में प्रभावित कर सकें। उन्होंने दावा किया कि शराब की नई दुकानें नहीं खोली गई हैं और सरकार का पूरा ध्यान युवाओं को इससे दूर रखने पर है। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधी इस मुद्दे का इस्तेमाल अपनी असफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए कर रहे हैं।