हेल्थ डेस्क: मानव शरीर में दर्द किसी भी समय कहीं भी अपने आप शुरु हो सकता है।। जब हमें शरीर के किसी अंग में दर्द होता है, तो हम किसी पेनकिलर का सेवन कर लेते है। जिससे कि आपको आराम मिल जाएं, लेकिन आपने कभी ध्यान दिया है कि महिलाओं को एक पेनकिलर से आराम हीं नहीं मिलता है। जिसके कारण वह दूसरा डोज ले लेती है। यह बात एक शोध में भी सामने आई कि महिलाओं का दिमाग ज्यादा एक्टिव रहने के कारण ये समस्या उत्पन्न होती है। पुरुष के मुकाबले महिलाओं में पेन किलर कम एफेक्टिव होती हैं। इस महिलाओं के दिमाग की इम्यून सेल्स ज्यादा एक्टिव होती हैं और वो दर्द महसूस कराती रहती हैं। ये भी पढ़े: (समर विकेशन में जाएं इन 5 जगहों पर और लें बर्फवारी का मजा)
दिमाग की इम्यून प्रतिरोधी सेल्स 'माइक्रोग्लिया' को जब महिलाओं में निष्क्रिय कर दिया जाता है तो पेन किलर के लेवल में सुधार हो जाता है और दर्द राहत लेवल पुरुषों के समान हो जाता है।
रिसर्च के अनुसार, माइक्रोग्लिया पुरुषों की तुलना में महिलाओं के दिमाग के हिस्सों में ज्यादा एक्टिव होती हैं। गंभीर और पुराने दर्द के इलाज के लिए मारफीन का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह दवा अक्सर महिलाओं में कम एफेक्टिव होती है।
अमेरिका के जार्जिया स्टेट विश्वविद्यालय की हिलेरी डोयले ने कहा कि रिसर्च रिपोर्ट्स में पाया गया है कि महिलाओं को पुरुषों की तुलना में समान दर्द से राहत के लिए करीब दोगुना मारफीन की जरूरत पड़ती है।
Latest Lifestyle News