A
Hindi News मध्य-प्रदेश असिस्टेंट प्रोफेसर ने सुसाइड किया या हुई हत्या? मां की मौत के बाद बोला बेटा, पापा ने मार दिया, करते थे मेंटली टॉर्चर

असिस्टेंट प्रोफेसर ने सुसाइड किया या हुई हत्या? मां की मौत के बाद बोला बेटा, पापा ने मार दिया, करते थे मेंटली टॉर्चर

असिस्टेंट प्रोफेसर के मायके पक्ष का आरोप है कि ससुराल वालों ने मारकर फांसी के फंदे पर टांग दिया। असिस्टेंट प्रोफेसर के 8 साल के बेटे ने कहा कि उसकी मां को पापा ने मार डाला है। इस मामले में कोलगवां पुलिस के द्वारा बिन्दुवार जांच की जा रही है।

मृतिका स्वप्नल सिंह...- India TV Hindi Image Source : INDIA TV मृतिका स्वप्नल सिंह की फाइल फोटो

सतना। मां की मौत फांसी में लटकने से भले हुई हो लेकिन मृतका के मासूम बेटे ने पुलिस के सामने जो बोला वो चौकाने वाला था। बेटा आई विटनेस था या नहीं पर उसने दो टूक कहा कि मेरी मां को पापा ने मारा और उस मेंटली टॉर्चर करते थे। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. स्नेहल सिंह ने आत्महत्या की या फिर हत्या हुई, कोलगवां पुलिस इसकी जांच तो कर रही है।

तकरीबन 12 साल पहले जिस रिश्ते को पक्का कर असिस्टेंट प्रोफेसर के माता-पिता खुश थे। आज उसी रिश्ते ने कुछ ऐसा कृत्य किया जिससे उन्हें पछतावा हो रहा है। बेटी को पढ़ाया उसे काबिल बनाया कि वह जिंदगी की कठिन से कठिन परीक्षा पास करती गई। परंतु 12 साल की प्रताड़ना सहने के बाद भी न उसके सपने मरे, न वह टूटकर बिखरी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि उसने आत्महत्या क्यों की?

बोर्ड फेंककर मारा था

शहर के कोलगवां थाना अंतर्गत शुक्ला बरदाडीह निवासी डॉ. स्नेहल सिंह का शव पिछले दिनों घर में फंदे से लटका मिला था। मृतका स्नेहल के पिता आतुल्य कुमार सिंह, छोटी बहन स्वप्नल सिंह ने कहा कि उसने आत्महत्या नहीं की है। उसकी हत्या की गई है। हत्या कर शव को फंदे पर टांगा गया है। मृतका स्नेहल के 8 वर्षीय बेटे समीर सिंह ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि पापा कुछ नहीं करते थे। सिंगरौली में वे हमेशा गुस्से में रहते थे। नाना-नानी के बारे में अशब्द कहते थे, मम्मी को परेशान करते थे। एक बार मम्मी को बोर्ड फेंककर मारा था। मम्मी को पापा ने ही मार डाला है। 

बताया गया कि मां की मौत की जानकारी लगने पर 8 वर्षीय समीर शुक्ला बरदाडीह स्थित घर पहुंचा। मृत मां को देखकर समीर का गुस्सा फूट पड़ा और उसने पत्थर उठाकर अपने पिता बरुण सिंह उर्फ अभिषेक सिंह बघेल पर मारा और कहा कि इन्होंने ही मार डाला। 

रात 11 बजे बुलवाया घर

असिस्टेंट प्रोफेसर स्नेहल की दादी का पिछले दिनों देहांत हो गया था। वह सिंगरौली से अपने मायके आई हुई थी। पति बरुण गेट से ही छोडक़र अपने घर चला गया। रात 11 बजे बरुण ने स्नेहल को फोन कर कहा कि उसकी मां की तबियत खराब है। उन्हें रीवा ले जाना पड़ेगा। इसके बाद पुन: बरुण ने स्नेहल की मां से बातचीत करते हुए उन्हें अशब्द कहे। इसके बाद स्नेहल को उसका भाई रात 11.30 बजे के करीब शुक्ला बरदाडीह स्थित घर छोडक़र आया। अगले दिन स्नेहल के मायके में फोन कर बताया गया कि वह कमरा नहीं खोल रही है।  तब यहां से स्नेहल का भाई और छोटी बहन शुक्ला बरदाडीह पहुंचे, सामान्य धक्का देते ही दरवाजा खुल गया। अंदर स्नेहल फंदे पर झूल रही थी उसी नीचे उतारा गया। उसके नाक से खून बह रहा था। 

पत्नी पर करता था शक

स्नेहल की छोटी बहन स्वपनल ने बताया कि बहनोई बरुण कुछ नहीं करता था। बड़ी बहन स्नेहल हर माह अपने वेतन से 15 हजार रुपए बरुण को दिया करती थी। अन्य खर्चे भी बड़ी बहन उठाया करती थी। स्नेहल सिंगरौली में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर पदस्थ थी। स्वपनल ने बताया कि बरुण उसकी बहन पर शक करता था। दीदी के ड्यूटी में रहने के दौरान वह दिन भर में 20 से 25 बार वीडियो कॉल कर लोकेशन लेता रहता था। 

स्नेहल के पिता अतुल्य कुमार सिंह ने बताया कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष से डिमांड की जाने लगी थी। ससुराल में सास और पति के द्वारा स्नेहल को परेशान किया जाता था। हर चीज के लिए पति और सास स्नेहल को मायके से लाने के लिए दबाव बनाते थे। श्री सिंह ने बताया कि शुक्ला बरदाडीह स्थित आवास के निर्माण में भी उनके द्वारा आर्थिक मदद की गई थी। 

अनसुलझे सवाल

 

  1.  जिस कमरे में फांसी लगाकर असिस्टेंट प्रोफेसर ने आत्महत्या की वहीं पर खून के छीटे कैसे आए
  2.  जब कमरे का दरबाजा अंदर से बंद था तो बेड पर पति बरुण का मोबाइल कैसे पहुंचा, कमरे में असिस्टेंट प्रोफेसर का मोबाइल नहीं था। 
  3.  असमय मौत के बाद भी शुक्ला बरदाडीह स्थित घर में आनन-फानन सफाई क्यों की गई।
  4.  ऐसी क्या वजह थी कि गमजदा परिवार को छोडक़र रात 11 बजे असिस्टेट प्रोफेसर को ससुराल आना पड़ा। उसे रात के वक्त बुलाने के पीछे क्या मंशा रही।
  5.  कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था तो असिस्टेंट प्रोफेसर के भाई के सामान्य धक्के से दरवाजा कैसे खुल गया। 

क्या कहते हैं थाना प्रभारी

थाना प्रभारी कोलगवां सुदीप सोनी ने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर के मायके पक्ष के लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिंग बताई गई है। जिस कमरे में असिस्टेंट प्रोफेसर का शव फंदे पर लटकता मिला है उस कमरे को सील कर दिया गया है। गुरुवार को फोरेंसिक टीम के द्वारा कमरे की जांच की जाएगी। बयान और जांच में तथ्य के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। 

रिपोर्ट- अमित त्रिपाठी, सतना