A
  1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. नारायण पर्वत से 21 दिनों की एकांत नारायण और हनुमत साधना पूरी करके वापस लौटे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, सामने आई तस्वीर

नारायण पर्वत से 21 दिनों की एकांत नारायण और हनुमत साधना पूरी करके वापस लौटे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, सामने आई तस्वीर

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, नारायण पर्वत से 21 दिनों की एकांत नारायण और हनुमत साधना पूरी करके लौटे हैं और उन्होंने अपने अनुयायियों से मुलाकात की है।

Dhirendra Krishna Shastri- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

भोपाल: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की वैकुण्ठ धाम में चल रही 21 दिवसीय कठोर साधना आज पूर्ण हो गई। इस दौरान उन्होंने नारायण पर्वत पर विशालकाय चट्टान के नीचे बनी एक छोटी सी गुफा में रहकर एकांत तपस्या की। साधना के पहले 11 दिन पूर्ण एकांत में कठोर तप करते हुए बिताए गए, जबकि शेष 10 दिनों तक प्राचीन खाकचोक हनुमना मंदिर में हनुमान साधना और आराधना जारी रही।

बताया जा रहा है कि इस दिव्य साधना के दौरान बागेश्वर सरकार ने नारायण पर्वत की परिक्रमा भी की और भगवान विष्णु की विशेष उपासना में लीन रहे। अब साधना पूर्ण होने के बाद उनकी भक्तों के बीच की दिव्य तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें श्रद्धालु आस्था और तपस्या का अद्भुत स्वरूप मान रहे हैं।

इस दौरान बद्रीनाथ में खाकचौक हनुमान मंदिर में अंतिम दिवस की साधना विराम तक बागेश्वर सरकार का इंतजार कर रहे देश-दुनिया से आए हुए भक्तों के बीच पहुंचे और बागेश्वर सरकार से श्रद्धालुओं ने उनकी साधना के 21 दिनों की बड़ी चर्चा की। इस दौरान बागेश्वर सरकार से मिलने के लिए अयोध्या हनुमान गढ़ी से राजूदास जी महाराज भी पहुंचे और बागेश्वर सरकार से भेंट की और उनकी 21 दिवसीय साधना के बारे में चर्चा की।

बाबा बागेश्वर ने क्या बताया?

बाबा बागेश्वर ने साधना के दौरान बताया कि इस 21 दिवसीय हनुमान साधना के दौरान भगवान नारायण पर्वत की परिक्रमा की। इस दौरान हमारे साथ बालकयोगेश्वर दास जी महाराज भी थे। बाबा बागेश्वर ने 21 दिवसीय साधना के दौरान नारायण पर्वत की दुर्गम पहाड़ियों में 13 घंटे पैदल यात्रा की।

इस दौरान वे 15 हजार फीट की ऊंचाई तक स्थित बर्फीले पहाड़ों पर पहुंचे। वहीं, श्री बद्रीनाथ धाम के महंत बालक योगेश्वरदास ने भी नारायण पर्वत की पवित्र परिक्रमा पूर्ण की। 21 दिवसीय साधना के दौरान बाबा बागेश्वर  को अनुयायियों की बहुत याद आई। इस दौरान बाबा बागेश्वर ने एक फिल्मी गीत भी गुनगुनाया।