मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले का खुलासा करने वाला एक व्यक्ति और एक सब इंस्पेक्टर शनिवार को घायल हो गए। सब इंस्पेक्टर कोर्ट वारंट के सिलसिले में उसे गिरफ्तार करने के लिए उसके घर गया था। आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी और एसआई आशीष शर्मा दोनों के सिर में चोटें आईं, हालांकि दोनों ने घटनाओं का जो विवरण दिया है, वह अलग-अलग है। पुलिसकर्मी के अनुसार जब पुलिस गिरफ्तारी वारंट तामील करने गई तो चतुर्वेदी ने अपना सिर दीवार में मार लिया फिर शर्मा के साथ उसकी हाथापाई हुई। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
झांसी रोड थाने के इंस्पेक्टर मंगल सिंह पपोला ने संवाददाताओं को बताया कि शर्मा के खिलाफ पहले भी तीन-चार बार गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे, लेकिन वह वारंट की तिथि से पहले गायब हो जाता था।" "आज जब पुलिस कोर्ट द्वारा जारी वारंट लेकर उसके घर गई, तो वह उत्तेजित हो गया और उसने अपना सिर दीवार में मार लिया। उसने एसआई के साथ भी हाथापाई की। अब आशीष चतुर्वेदी को संबंधित कोर्ट में पेश किया जाएगा।" एसआई शर्मा ने कहा कि चतुर्वेदी ने उनके सिर पर वार किया और मुक्का मारा, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
आरटीआई कार्यकर्ता का बयान
आरोपों से इनकार करते हुए चतुर्वेदी ने कहा, "मैंने ग्वालियर के एसपी और अन्य अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, यही वजह है कि पुलिस मेरे खिलाफ काम कर रही है। शनिवार को झांसी रोड थाने के एसआई आशीष शर्मा पुलिस टीम के साथ मेरे घर आए। वे जबरन मेरे घर में घुस आए और मेरे पिता और आसपास की महिलाओं के साथ बदसलूकी की। "उन्होंने मुझे थाने में अपने वकील को बुलाने की अनुमति नहीं दी और हाथापाई के दौरान मेरे सिर में चोटें आईं। पुलिस ने झूठी कहानी गढ़ी है कि मैंने उनसे झगड़ा किया। मेरे पास घटना का वीडियो फुटेज है।" (इनपुट- पीटीआई)