IGNTU में पता पूछकर असम के छात्र से मारपीट, 5 छात्रों पर जानलेवा हमले का आरोप, सभी सस्पेंड
पीड़ित छात्र ने बताया कि पहले उससे नाम और पता पूछा गया। इसके बाद उसके ऊपर हमला कर दिया गया। मेडिकल रिपोर्ट में पीड़ित के नाक की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई है।

मध्य प्रदेश के अमरकंटक में असम के एक छात्र के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। मामला इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय का है। यहां असम के एक छात्र के साथ बेरहमी से मारपीट हुई। जीजीबीएच हॉस्टल में हुए इस हमले को लेकर पीड़ित छात्र ने हत्या के प्रयास का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 5 छात्रों को निष्कासित कर दिया है और पुलिस जांच के आदेश दिए गए हैं।
आईजीएनटीयू में एमए अर्थशास्त्र प्रथम वर्ष के छात्र हिरोज ज्योति दास ने विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि हॉस्टल में 4 से 5 छात्रों ने उन पर जानलेवा हमला किया। पीड़ित असम का निवासी हैं, उसके अनुसार आरोपियों ने पहले पता और विभाग पूछा। जैसे ही उन्होंने बताया कि वे असम से हैं, उसी के बाद उनके साथ लात-घूंसे और मुक्कों से बेरहमी से मारपीट की गई।
छात्र गंभीर रूप से घायल
हमले में छात्र को गंभीर चोटें आई हैं। सीटी स्कैन रिपोर्ट में नाक की हड्डी टूटने, आंखों में खून जमने और चेहरे पर गहरे जख्म होने की पुष्टि हुई है। पीड़ित छात्र ने अपने बयान में बताया कि हमले के दौरान एक आरोपी अनुराग पांडेय ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। छात्र द्वारा सीसीटीवी फुटेज विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी गई है, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
छात्रों ने किया प्रदर्शन
घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में आक्रोश का माहौल है। छात्र संगठनों ने धरना प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और सामाजिक माहौल को नुकसान पहुंचाती हैं। शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह ने इस घटना को निंदनीय और चिंताजनक बताया है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और अनूपपुर पुलिस से निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, साथ ही भेदभाव और अराजकता पर रोक लगाने की बात कही है।
इन छात्रों पर हुई कार्रवाई
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, घटना में शामिल पाए गए 5 छात्रों को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है। निष्कासित छात्रों में अनुराग पांडेय, जतिन सिंह, रंजीत त्रिपाठी, विशाल यादव और उत्कर्ष सिंह शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ अनुशासन समिति और स्थानीय पुलिस को जांच के निर्देश दिए गए हैं।
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