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Hindi News मध्य-प्रदेश नशे में हो गए इतने चूर कि प्राचीन हनुमान मंदिर की दीवार पर कर दी पेशाब, 3 लोग गिरफ्तार, कान पकड़कर मांगी माफी

नशे में हो गए इतने चूर कि प्राचीन हनुमान मंदिर की दीवार पर कर दी पेशाब, 3 लोग गिरफ्तार, कान पकड़कर मांगी माफी

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक प्राचीन हनुमान मंदिर की दीवार पर पेशाब करने का मामला सामने आया है। इस मामले के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

Indore- India TV Hindi Image Source : REPORTER INPUT प्राचीन हनुमान मंदिर की दीवार पर पेशाब करने का मामला, 3 गिरफ्तार

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां नशे की हालत में प्राचीन हनुमान मंदिर की दीवार पर पेशाब की गई है। इस मामले के सामने आने के बाद हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया है और उन्होंने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

इंदौर के मोती तबेले क्षेत्र स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर की दीवार पर नशे की हालत में पेशाब करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद स्थानीय रहवासियों में भारी आक्रोश देखा गया, जिसके बाद बजरंग दल को इसकी सूचना दी गई। विहिप नेता की शिकायत पर रावजी बाजार थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। 

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर राजा दुबे, कमल अहिरवार और अर्पित चौहान को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि तीनों आरोपी नशे की हालत में थे और देर रात मंदिर की दीवार के पास पहुंचे थे। घटना सामने आने के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों को सख्त हिदायत भी दी गई है।

पुलिस का सामने आया बयान

इस मामले में डीसीपी कृष्ण लालचंदानी का भी बयान सामने आया है। डीसीपी कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि ये मोती तबेले क्षेत्र का मामला है। कुछ लोगों द्वारा हरकत की गई थी और कुछ संगठनों द्वारा इसकी शिकायत भी की गई थी। आरोपी लड़कों को चिह्नित करके जेल भेजा गया है और वैधानिक कार्रवाई की गई है। वो लोग शराब के नशे में थे। उन्हें ये नहीं समझ आ रहा था कि वह क्या कर रहे थे। उन्हें सख्त हिदायत दी गई है कि अगर दोबारा ऐसा किया तो इसके बाद कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं स्थानीय लोगों में अभी भी गुस्सा है और उनका कहना है कि धार्मिक मामलों में इस तरह की हरकत बिल्कुल भी क्षमा के योग्य नहीं है। हिंदू संगठनों का भी कहना है कि ऐसे लोगों को चिन्हित करने की जरूरत है, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। (इनपुट: भरत पाटिल)