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Hindi News मध्य-प्रदेश एमपी: सनातन विरोधी कहे जाने पर नाराज हुईं मुस्लिम पुलिस अधिकारी, भीड़ के सामने लगाए 'जय श्री राम' के नारे, देखें VIDEO

एमपी: सनातन विरोधी कहे जाने पर नाराज हुईं मुस्लिम पुलिस अधिकारी, भीड़ के सामने लगाए 'जय श्री राम' के नारे, देखें VIDEO

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कुछ ऐसा घटित हुई जब एक मुस्लिम पुलिस अधिकारी को भीड़ के सामने जय श्री राम के नारे लगाने पड़े। इस मामले से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है।

Madhya Pradesh- India TV Hindi Image Source : REPORTER INPUT 'जय श्री राम' के नारे लगाने वाली ग्वालियर की सीएसपी हिना खान

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक मुस्लिम पुलिस अधिकारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में महिला पुलिस अधिकारी भीड़ के सामने गुस्से में जय श्री राम के नारे लगाते हुए दिख रही हैं। ऐसे में लोग ये जानना चाहते हैं कि आखिर ये माजरा क्या है।

क्या है पूरा मामला?

ग्वालियर में पुलिस और बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा के समर्थकों के बीच तीखी बहस हो गई। पुलिस ने वकील अनिल मिश्रा के घर के बाहर लगा टेंट हटवा दिया, जिसके बाद वकील के समर्थकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया और जय श्री राम के नारे लगाने लगे।

इसके बाद किसी ने पुलिस मुर्दाबाद के भी नारे लगा दिए, जिससे मौके पर मौजूद ग्वालियर की सीएसपी हिना खान भड़क गईं और उन्होंने भीड़ में मौजूद लोगों के सामने जय श्री राम के नारे लगाए और कहा कि वह केवल शहर में शांति और अमन चाहती हैं।

इस पूरे मामले का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि वकील अनिल मिश्रा ये कहते हैं कि पुलिस सनातन का अपमान कर रही है। इसी दौरान सीएसपी हिना खान ने जय श्री राम के नारे लगाए और ये मैसेज देने की कोशिश की कि वह सनातन विरोधी नहीं हैं और बस अपनी ड्यूटी कर रही हैं।

क्यों हुई पुलिस और अनिल मिश्रा के समर्थकों के बीच बहस?

मंदिर में पूजा को लेकर पुलिस और अनिल मिश्रा के समर्थकों में विवाद हुआ था। इस पूरे मामले में हिना खान का कहना है कि अलग-अलग जगह सुरक्षा लगाई गई है। वकील अनिल मिश्रा के घर के चारों तरफ भी सुरक्षा लगाई गई है। उनके समर्थकों का कहना है कि हमें मंदिर में पूजा करनी है लेकिन मंदिर कमेटी ने पूजा करने से मना कर दिया। इस बात को लेकर अनिल मिश्रा और उनके समर्थक पुलिस पर भड़क गए। उनको समझाकर शांत कराया है कि पुलिस का इसमें कोई रोल नहीं है, मंदिर प्रबंधन ने पूजा करने से मना किया है। (इनपुट: भूपेन्द्र भदौरिया)