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Hindi News मध्य-प्रदेश लाडली बहनों के खाते में आएंगे पैसे, सीएम मोहन यादव जारी करेंगे 32वीं किश्त, गैस सिलेंडर का पैसा भी मिलेगा

लाडली बहनों के खाते में आएंगे पैसे, सीएम मोहन यादव जारी करेंगे 32वीं किश्त, गैस सिलेंडर का पैसा भी मिलेगा

लाडली बहन योजना की शुरुआत शिवराज सिंह चौहान ने की थी, लेकिन मोहन यादव सरकार ने इस योजना को आगे बढ़ाया है। उनकी सरकार ने ही इस योजना की राशि भी बढ़ाई है।

Mohan yadav- India TV Hindi Image Source : PTI मोहन यादव

मध्य प्रदेश की लाडली बहनों के बैंक खातों में शुक्रवार के दिन पैसे आने वाले हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार 16 जनवरी को राज्य स्तरीय लाडली बहना सम्मेलन में 'लाडली बहना' लाभार्थियों के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करेंगे। नर्मदापुरम जिले के माखन नगर (बाबई) में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव राज्य भर में 1.25 करोड़ से अधिक पात्र बहनों को 1,836 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर करेंगे। 

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस अवसर पर गैस सिलेंडर रिफिलिंग सहायता के लिए 29 लाख लाभार्थियों के खातों में 90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा की जाएगी। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भूमि पूजन भी करेंगे और विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार का संकल्प है। कल मैं 'लाडली बहना' योजना की लाभार्थियों के बैंक खातों में 32वीं किस्त ट्रांसफर करूंगा और उनसे बातचीत करूंगा।" 

2023 में शुरू हुई थी योजना

लाडली बहना योजना ' जून 2023 में शुरू की गई थी। इस योजना के तहत, नवंबर 2025 से मासिक सहायता राशि में 250 रुपये की वृद्धि की गई। इसके साथ ही, पात्र महिला लाभार्थियों को अब प्रति माह 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता मिल रही है। जून 2023 से अब तक, दिसंबर 2025 तक मासिक वित्तीय सहायता की 31 किस्तें लाभार्थियों के खातों में नियमित रूप से ट्रांसफर की जा चुकी हैं। 32वीं किस्त जनवरी 2026 में हस्तांतरित की जाएगी।

अब तक कितना बजट खर्च हुआ

जून 2023 से दिसंबर 2025 तक, इस योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में कुल 48,632.70 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई है। अकेले जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के बीच 38,635.89 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।'मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना ' ने राज्य भर की महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मान सुनिश्चित किया है। आने वाले समय में, लाभार्थी महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल उन्नयन कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे, जिससे वे आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त हो सकेंगी। 

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