मध्य प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी की प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने खोली कलई, बीजेपी में भी सब-कुछ ठीक नहीं?
बीजेपी विधायक रीति पाठक ने डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला को उनके सामने ही कहा कि मुख्यमंत्री ने जो 7 करोड रुपए दिए थे वह स्वास्थ्य विभाग ने गुम कर दिए। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी में गुटबाजी को सार्वजनिक मंच से स्वीकारा है।
भोपालः मध्य प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी का कैंसर है.. यह कहते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कांग्रेस की आंतरिक राजनीति की कलई खोल दी। तो दूसरी तरफ भाजपा की सांसद रहीं और अब सीधी से विधायक रीति पाठक ने भी सार्वजनिक मंच से अपने ही सरकार के उपमुख्यमंत्री के खिलाफ बयान देकर बताया कि भाजपा में भी सब कुछ सही नहीं चल रहा है।
जीतू पटवारी ने गुटबाजी की तुलना कैंसर से की
बाबा साहेब अम्बेडकर की जन्मस्थली महू में राहुल गांधी की अगुवाई में होने वाली जय बापू, जय भीम, जय संविधान यात्रा से पहले गुटबाजी को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी का दर्द कार्यकर्ताओं के सामने मंच पर छलक गया। जीतू पटवारी ने गुटबाजी की तुलना कैंसर से कर डाली, यह कहते हुए कि कांग्रेस में गुटबाजी का कैंसर है या तो इसे खत्म करना होगा नहीं तो हम खत्म हो जाएंगे।
बीजेपी पर भी साधा निशाना
दरअसल जीतू पटवारी आगामी 27 जनवरी को महू में होने वाली कार्यक्रम की तैयारी को लेकर धार पहुंचे थे। इसी दौरान मंच से उन्होंने यह बड़ा बयान गुटबाजी को लेकर दिया हालांकि कुछ घंटे बाद ही जीतू पटवारी अपने बयान से पलट गए और बीजेपी में गुटबाजी का हमला बोलने लगे ये कहते हुए कि गोविंद राजपूत और भूपेंद्र सिंह एक दूसरे को गाली देते हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर में भी सुमित्रा महाजन के पोते के शोरूम पर उन्हीं की पार्टी के लोगों ने हमला किया। बीजेपी के एक पार्षद ने दूसरे पार्षद के परिवार के साथ दुर्व्यवहार किया है।
बीजेपी ने ली चुटकी
जीत पटवारी के कांग्रेस में गुटबाजी कैंसर के बयान पर भाजपा ने चुटकी ली है। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि आखिरकार जीतू पटवारी की दिल की बात जुंबा पर आ गई। बीजेपी तो पहले से ही रहती है कि कांग्रेस में गुटबाजी है और अब खुद ही उनके कांग्रेस के अध्यक्ष भी इस बात को सार्वजनिक मंच पर मान रहे हैं।
विधायक रीति पाठक ने डिप्टी सीएम को घेरा
वहीं, निजी अस्पताल के कार्यक्रम में सीधी आए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला को विंध्य क्षेत्र से ही आने वाली सीधी विधायक रीति पाठक ने घेर लिया। सार्वजनिक मंच से सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने जो 7 करोड रुपए दिए थे वह स्वास्थ्य विभाग ने गुम कर दिए। जिस वक्त रीति पाठक मंच से यह बयान दे रही थीं उस दौरान विंध्य क्षेत्र से ही आने वाले उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेश शुक्ला भी मंच पर मौजूद थे।
रीती पाठक ने राजेंद्र शुक्ला को कही ये बात
रीती पाठक ने कहा आपके उपमुख्यमंत्री बनने के बाद मैं कम से कम 6 से 7 पत्र लिखे लेकिन उसका जवाब आज तक नहीं आया। मेरा अधिकार है। आपसे मांगने के लिए और हम जरूर मांगेंगे। अपने जिले के लिए मांगेंगे और अगर आप विकास पुरुष हैं तो हम चाहेंगे कि आप रीवा से निकलकर सीधी में भी विकास कीजिए। 7 करोड रुपए की राशि सबसे पहले विधायक बनने के बाद मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री अधो संरचना के माध्यम से हमें दी लेकिन दुख के साथ कहना चाहती हूं कि स्वास्थ्य विभाग ने उस राशि को न जाने कहां गुम कर दिया। इसकी जिम्मेदारी मैं आपको सौंपती हूं कि आप 7 करोड़ रुपए राशि को ढूंढा जाए। आप स्वास्थ्य मंत्री हैं। आप उपमुख्यमंत्री भी हैं और आप विकास पुरुष भी है जैसा कि यहां पर लिखा है। विकास हमारे सीधी जिले में भी दिखे।
डिप्टी सीएम ने दिया ये जवाब
वहीं जब रीती पाठक से सार्वजनिक मंच से ही अपने डिप्टी सीएम पर सवाल उठाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा मैंने स्वास्थ्य मंत्री को मंच से ध्यान दिलाया है यह अच्छा समय था। वहीं डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि सीधी में जल्द निजी मेडिकल कॉलेज खोला जा रहा है बाकी सरकारी अस्पतालों में जो परेशानियां हैं उन्हें दूर किया जाएगा।
जीतू पटवारी ने बीजेपी को घेरा
जाहिर है कांग्रेस में गुटबाजी की खबरों को लेकर लगातार विवादों में सामने आ रहे जीतू पटवारी के लिए रीति पाठक का यह बयान भाजपा को घेरने के लिए काफी था। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि 'विधायक की सुनवाई भी नहीं हो रही है, तो आम नागरिकों की क्या हैसियत होगी? सवाल यह भी है कि उप मुख्यमंत्री जैसे ऐसे कितने नेता हैं, जो सिर्फ अपने जिलों में सीमित हो गए हैं और पूरी ताकत से लोकल पॉलिटिक्स इंजॉय कर रहे हैं? सरकार यह भी तो बताए कि 7 करोड़ कहां गए? यदि एक जिले में ये हाल है, तो 55 जिलों का हिसाब भी दें? लूट का यह 'परिवहन' कब तक, कहां तक?'
वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लिखा कि 'अपनी ही सरकार से पीड़ित हैं भाजपा के विधायक। जिस सरकार में अपनी ही पार्टी के विधायकों की बात नहीं सुनी जाती हो, वहां जनता की आवाज भला सरकार के कान तक कैसे पहुंचेगी'।
