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Hindi News महाराष्ट्र खुद को अमित शाह का निजी सचिव बताकर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, जानिए कैसे लोगों को लेता था झांसे में?

खुद को अमित शाह का निजी सचिव बताकर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, जानिए कैसे लोगों को लेता था झांसे में?

ठगी करने वाला युवक लोगों की मदद के बदले पैसे लेता था। लोगों को वह बताता था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का निजी सचिव है। वह हर तरह के काम करा सकता है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi Image Source : PTI सांकेतिक तस्वीर

मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने खुद को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का निजी सचिव बताकर लोगों को ठगने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 41 वर्षीय मोहम्मद तारिक पठान के रूप में हुई है, जो रत्नागिरी जिले के खेड़ का निवासी है। पुलिस ने उसे नवी मुंबई के वाशी स्थित एपीएमसी मार्केट के पास एक होटल से गिरफ्तार किया।

पवन कुमार यादव बताता था अपनी पहचान

क्राइम ब्रांच के अनुसार, पठान खुद को केंद्रीय गृह मंत्री के निजी सचिव पवन कुमार यादव के रूप में पेश करता था। पुलिस अधिकारियों को फोन कर विभिन्न मामलों में हस्तक्षेप करने की कोशिश करता था। वह कभी एफआईआर दर्ज करवाने तो कभी आरोपियों को राहत दिलाने के नाम पर अधिकारियों से संपर्क करता था।

मदद कराने के नाम पर लेता था पैसे

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों से मामलों में मदद कराने के नाम पर पैसे वसूलता था। कॉल को असली दिखाने के लिए वह नए सिम कार्ड खरीदता था और दूसरे फोन में नंबर को 'पीएस टू एमएचए' के नाम से सेव कर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को फोन करता था।

जब पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी को किया फोन

1 मार्च को ऐसी ही एक घटना में उसने दिल्ली के कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी को फोन किया, जो एक मामले में महिला को वारंट देने के लिए मुंबई के ग्रांट रोड आए थे। अधिकारी को पहले ही बताया गया था कि उन्हें किसी प्रभावशाली व्यक्ति का फोन आएगा। इसके बाद पठान ने खुद को मंत्री का सहायक बताकर महिला को परेशान न करने की बात कही।

लगतार बदलता रहता था फोन

क्राइम ब्रांच को शक है कि आरोपी ने इस तरह के कई फोन कॉल कर मामलों को प्रभावित करने की कोशिश की और इसके बदले लोगों से पैसे भी वसूले। पुलिस के मुताबिक, वह लगातार मोबाइल फोन बदलता रहता था और अलग-अलग राज्यों में अन्य लोगों के नाम पर सिम कार्ड खरीदता था।

कितनी रकम ठगी, इसका लगाया जा रहा पता

फिलहाल क्राइम ब्रांच आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने कितने मामलों में हस्तक्षेप किया और कितनी रकम ठगी। पटान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।