चुनावों में हार के बाद आया राज ठाकरे का पहला बयान, जानें पार्टी के प्रदर्शन पर क्या बोले, लेटर के आखिरी में लिखा- 'आपका विनम्र'
नगर निगम चुनावों में करारी हार के बाद राज ठाकरे ने पहला बयान जारी किया है। उन्होंने MNS के कमजोर प्रदर्शन को स्वीकारते हुए कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया और कहा कि पार्टी मराठी मानुष, भाषा और अस्मिता की लड़ाई जारी रखेगी।

मुंबई: महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को करारी हार का सामना करना पड़ा है। राज ठाकरे की पार्टी ने राज्य की कुल 2869 सीटों में से सिर्फ 13 पर जीत हासिल की, जबकि मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की 227 सीटों में MNS को मात्र 6 सीटें मिलीं। यह चुनाव महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों में हुए थे, जहां बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया और कई प्रमुख शहरों में बहुमत हासिल किया। बीएमसी में महायुति को स्पष्ट बहुमत मिला, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को 65 सीटें मिलीं।
चुनावों में शर्मनाक प्रदर्शन के बाद राज ने किया पोस्ट
MNS का प्रदर्शन राज ठाकरे की उम्मीदों से काफी कम रहा, और पार्टी 22 शहरों में खाता भी नहीं खोल पाई। हार के बाद राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं और चुने हुए नगरसेवकों का उत्साहवर्धन किया। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'जय महाराष्ट्र, सबसे पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और शिवसेना के सभी निर्वाचित नगरसेवकों को दिल से बधाई। इस बार का चुनाव आसान नहीं था। अपार धनशक्ति और सत्ता की ताकत के सामने शिवशक्ति की लड़ाई थी। लेकिन ऐसी कठिन लड़ाई में भी दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने बेहतरीन संघर्ष किया। इसके लिए उनका जितना भी प्रशंसा की जाए, कम है।'
'...लेकिन हम हिम्मत हारने वालों में से नहीं हैं'
पोस्ट में राज ठाकरे ने आगे लिखा, 'महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को इस बार अपेक्षित सफलता नहीं मिली, इसका हमें दुःख है। लेकिन हम हिम्मत हारने वालों में से नहीं हैं। हमारे जो नगरसेवक चुने गए हैं, वे अपने-अपने क्षेत्र में सत्ताधारियों को कड़ी टक्कर देंगे। और अगर मराठी मानुष के खिलाफ कुछ भी होता दिखा, तो वे सत्ताधारियों को जरूर घेरेंगे। हमारी लड़ाई मराठी मानुष की, मराठी भाषा की, मराठी अस्मिता की और समृद्ध महाराष्ट्र की है। यही लड़ाई हमारा अस्तित्व है। ऐसी लड़ाइयां दीर्घकालीन होती हैं, इसका भान आप सभी को है। बाकी क्या गलत हुआ, क्या रह गया, क्या कमी रही और आगे क्या करना होगा, इसका विश्लेषण और आवश्यक कदम हम सब मिलकर करेंगे ही।'
'मराठी मानुष के साथ मजबूती से खड़ा रहना है'
राज ठाकरे ने लिखा, 'असल में यह कहने की जरूरत नहीं है, लेकिन फिर भी कहता हूं, चाहे MMR क्षेत्र हो या पूरे राज्य में, मराठी मानुष को नुकसान पहुंचाने का कोई भी मौका सत्ताधारी और उनके समर्थक छोड़ने वाले नहीं हैं। इसलिए हमें अपने मराठी मानुष के साथ मजबूती से खड़ा रहना है। चुनाव आते-जाते रहेंगे, लेकिन यह नहीं भूलना है कि हमारी सांसों में मराठी बसता है। जल्द ही मिलेंगे। फिर से काम में जुटेंगे। नए सिरे से अपनी पार्टी और संगठन को खड़ा करेंगे!!!आपका विनम्र, राज ठाकरे।'
ठाकरे परिवार की पारंपरिक ताकत को चुनौती
बता दें कि यह चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, जहां ठाकरे परिवार की पारंपरिक ताकत को चुनौती मिली है। MNS के लिए यह नतीजा पार्टी की रणनीति पर तमाम तरह के सवाल उठा रहा है, लेकिन राज ठाकरे ने स्पष्ट किया है कि उनकी लड़ाई लंबी है और वे हार नहीं मानेंगे। हालांकि सियासी पंडितों की मानें तो उद्धव ठाकरे जहां अपनी थोड़ी-बहुत प्रतिष्ठा इन चुनावों में बचा पाए हैं, वहीं राज ठाकरे के सियासी भविष्य पर ही प्रश्नचिन्ह लग गया है।