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महाराष्ट्र: सीएम शिंदे के गृहनगर में मनाया गया छठ महापर्व, ठाणे की उपवन झील पर दिया गया अर्घ

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गृहनगर ठाणे में छठ महापर्व धूम धाम से मनाया। सीएम शिंदे के गृहनगर ठाणे में उपवन झील पर बड़ी संख्या में व्रती महिलाएं छठ के लिए पहुंचीं।

शिंदे के गृहनगर ठाणे में छठ महापर्व की धूम- India TV Hindi Image Source : INDIA TV शिंदे के गृहनगर ठाणे में छठ महापर्व की धूम

छठ के महापर्व की धूम देशभर में देखने को मिल रही है। आज यानी 30 अक्टूबर को डूबते हुए सूर्य को संध्या अर्घ दिया जाएगा और कल सुबह छठ व्रती महिलाएं उगते हुए सूरज को अर्घ देंगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गृहनगर ठाणे में भी छठ महापर्व को धूम धाम से मनाया है। ठाणे में उपवन झील पर बड़ी संख्या में व्रती महिलाएं छठ के लिए पहुंची। लोग अपने परिवार के साथ छठ का महापर्व मनाने घाट पर पहुंचे।

ठाणे की उपवन झील के घाट पर दिया अर्ध्य 
आस्था के सबसे बड़े महापर्व छठ पूजा के तीसरे दिन आज ढलते सूर्य को व्रतियों और लोगो ने अर्ध्य दिया। इस दौरान ठाणे के उपवन झील के पास भारी संख्या में भक्त घाट पर पहुंचे। सीएम एकनाथ शिंदे का गृह जिला होने की वजह से पुलिस की सुरक्षा बेहद कड़ी रखी गयी है। आलम ये है कि झील के घाट पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। व्रती महिलाएं अपने पूरे परिवार के साथ डूबते सूर्य को अर्ध्य देने के लिए धीरे-धीरे पानी मे उतर गयीं और फिर सूर्य देव को अर्ध्य दिया गया।

मुस्लिम भी हो रहे महापर्व में शामिल
जो महिलाएं या परिवार वाले झील के घाट पर नहीं पहुंच सके वे छठी मैया का आशीर्वाद लेने के लिए घाट से कुछ दूर व्यू पॉइंट पर मौजूद रहे और हाथ जोड़कर छठी मैय्या से आशीर्वाद लिया। इनमें कुछ महिलाओं ने बताया कि वो बिहार या यूपी से हैं और लंबे समय से व्रत रखती हैं। लेकिन अब ठाणे में कुछ समय से रहने आ गए, लेकिन छठी मैय्या का पूजा और आशीर्वाद लेने आते हैं। कुछ महिलाओं ने बताया कि सिर्फ हिन्दू ही नहीं बल्कि मुस्लिम भी बड़ी संख्या में छठी मैय्या के इस महापर्व में शामिल होते हैं।

अर्ध्य देने के लिए कृत्रिम झील बनाई
वहीं उपवन झील के पास रुद्र प्रतिष्ठान नाम के एनजीओ की तरफ से कृत्रिम झील बनाई गई है, जिसमें बड़ी संख्या में व्रती महिलाओं ने पानी में उतरकर अपने परिवार के साथ डूबते सूर्य को अर्ध्य दिया। वहीं कृत्रिम झील के पास में बेदी स्थापित कर पूजा कर रही व्रती महिलाओं ने बताया कि सुप और दौरी में रखे फल और मान्यताओं के बाद खुलकर बात की।