मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अपना निर्धारित प्रचार अभियान रद्द कर दिया है। वे जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव में प्रचार नहीं करेंगे। डिप्टी सीएम अजित पवार के असामयिक निधन से उपजे शोक के मद्देनजर उन्होंने यह फैसला लिया है कि वे इन चुनावों में किसी भी सभा या कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे।
7 फरवरी को होगी वोटिंग
बता दें कि बीते 28 जनवरी को पुणे के बारामती में एक विमान हादसे में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित चार अन्य लोगों की दुखद मृत्यु हो गई। इस त्रासदी के बाद राज्य में तीन दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया गया था। राज्य की 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के लिए सात फरवरी को मतदान होगा और प्रचार पांच फरवरी को समाप्त हो जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री को पहले सात दिनों में 22 चुनावी सभाओं को संबोधित करना था लेकिन पवार के निधन के कारण उन्होंने इन्हें रद्द करने का निर्णय लिया है।
कार्यकर्ताओं को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री फडणवीस की गैरमौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। फडणवीस ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ता 7 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए जमीनी स्तर पर अपनी तैयारी जारी रखें और मतदाताओं के बीच जाएं। राज्य निर्वाचन आयोग ने भी चुनाव की तारीखों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। चुनाव प्रचार की अंतिम तारीख 5 फरवरी है जबकि वोटिंग 7 फरवरी को होगी वहीं मतगणना 9 फरवरी को होगी।
सूबे की सियासत के लिए अहम है ये चुनाव
राज्य की कुल 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के लिए होने वाला यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। सीएम फडणवीस के प्रचार से हटने के फैसले के बाद अब चुनावी कमान पूरी तरह से स्थानीय नेतृत्व के हाथों में आ गई है। फिलहाल पूरे राज्य में शोक की लहर है और राजनीतिक दल भी बेहद संयमित तरीके से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।