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Hindi News महाराष्ट्र एकनाथ खडसे ने कहा, अजित पवार की आलोचना करने का फडणवीस को कोई नैतिक अधिकार नहीं

एकनाथ खडसे ने कहा, अजित पवार की आलोचना करने का फडणवीस को कोई नैतिक अधिकार नहीं

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने शनिवार को महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और अपनी ही पार्टी के नेता देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा है।

Eknath Khadse, Eknath Khadse Devendra Fadnavis, Devendra Fadnavis, Ajit Pawar- India TV Hindi Image Source : PTI FILE भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और अपने ही दल के नेता देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा है।

मुंबई: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने शनिवार को महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और अपनी ही पार्टी के नेता देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा है। खडसे ने कहा है कि फडणवीस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और मौजूदा उपमुख्यमंत्री अजित पवार की आलोचना करने का नैतिक आधार खो दिया है। खडसे ने दावा किया कि उनके पास इस बारे में ‘सबूत’ है कि एक सामाजिक कार्यकर्ता को उनके विरुद्ध झूठे आरोप लगाने के लिए प्रेरित किया गया था। बता दें कि पिछले कुछ सालों में खडसे और फडणवीस के बीच कई बार मतभेद देखने को मिले हैं।

महाराष्ट्र की सरकार में मंत्री रहे एकनाथ खडसे ने कहा कि फडणवीस ने मनीष भंगाले से मुलाकात की थी, जिन्होंने यह आरोप लगाया था कि खडसे को कुछ गैंगस्टर के कॉल आये थे। फडणवीस के एक नजदीकी सूत्र ने बताया कि उन्होंने यह सुनिश्चित किया था कि खडसे के विरुद्ध झूठा आरोप लगाने वाले भंगाले चौबीस घंटे के भीतर गिरफ्तार हो जाएगा। हालांकि, उन्होंने भंगाले या कार्यकर्ता पर टिप्पणी करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह भारतीय जनता पार्टी से संबद्ध नहीं है। सूत्र ने कहा कि खडसे के विरुद्ध जमीन हड़पने के आरोपों के चलते उन्हें 2016 में मंत्री पद गंवाना पड़ा था, न कि भंगाले के आरोपों के कारण।

एकनाथ खडसे ने जलगांव में कहा, ‘मेरे पास इस बारे में पर्याप्त सबूत हैं कि सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया को मुझपर आरोप लगाने के लिए प्रेरित किया गया था। मैंने कुछ सबूत पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी दिखाये थे।’ खडसे ने कहा कि फडणवीस ने 2019 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अजित पवार के साथ मिल कर सरकार बनाने का असफल प्रयास किया था। उन्होंने कहा, ‘(इस परिप्रेक्ष्य में) हम नैतिक आधार खो चुके हैं। इसलिए, देवेंद्र जी अब अजित पवार की आलोचना नहीं कर सकते।’ (भाषा)