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Hindi News महाराष्ट्र BMC चुनाव में बीजेपी की जीत से गदगद अमृता, पति देवेंद्र फडणवीस को बताया महाराष्ट्र का विकास पुरुष

BMC चुनाव में बीजेपी की जीत से गदगद अमृता, पति देवेंद्र फडणवीस को बताया महाराष्ट्र का विकास पुरुष

देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने अपने पति और मुख्यमंत्री को महाराष्ट्र का विकास पुरुष बताया। उन्होंने कहा कि यह जनता की उम्मीदों का जनादेश है।

पति देवेंद्र फडणवीस के साथ अमृता - India TV Hindi Image Source : PTI पति देवेंद्र फडणवीस के साथ अमृता। फाइल

मुंबईः बीएमसी चुनाव में बीजेपी और महायुति की बड़ी जीत से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस बेहद खुश हैं। अमृता ने BMC चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत की तारीफ की और कहा कि यह जनादेश बड़ी उम्मीदों का जनादेश है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि उन्हें एक आम आदमी, एक मुंबईकर और अलग-अलग शहरों के पुरुषों और महिलाओं की ज़रूरतों के लिए सच में, सच में स्ट्रेटेजी बनानी होगी और सच में मेहनत करनी होगी।"

सीएम देवेंद्र फडणवीस को बताया महाराष्ट्र का इंफ्रा मैन

इंडिया टुडे के साथ एक खास इंटरव्यू में अमृता फडणवीस ने अपने पति और सीएम देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र का "इंफ्रा मैन" यानी विकास पुरुष बताया। अमृता ने बीजेपी और महायुति की सफलता का क्रेडिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लीडरशिप और देवेंद्र फडणवीस की कड़ी मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और युवाओं ने विकास और ट्रांसपेरेंसी के पक्ष में जाति और भाषा की पॉलिटिक्स को नकार दिया है।

जनता के लिए काम करेगी सरकार

अमृता फडणवीस ने कहा कि बीजेपी की जीत जनता की उम्मीदों का जनादेश है। इसलिए बीजेपी और सरकार दोनों को जनता की जरुरतों को समझना पड़ेगा और उसी के अनुरुप नीतियां बनाकर विकास के लिए काम करना चाहिए।

बीएमसी में पहली बार बीजेपी बनाएगी अपना मेयर

बता दें कि देश के सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के हुए चुनावों के शुक्रवार को सामने आए नतीजों एवं रुझानों में बीजेपी और महायुति विपक्षी दलों से काफी आगे है। 227 सीटों में से बीजेपी के नेतृत्व वाली  महायुति 125 सीटों के साथ आगे है। जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना 75 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। कांग्रेस 15 सीटों पर आगे है। भाजपा और ठाकरे भाइयों ने क्रमशः बुनियादी ढांचे और मराठी पहचान पर केंद्रित जोरदार चुनाव प्रचार किया, वहीं कांग्रेस एक ठोस मुद्दा तलाशने में संघर्ष करती नजर आई। वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) के साथ गठबंधन से कांग्रेस को दलित वोटों के एकजुट होने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।