मुंबई: महाराष्ट्र में निकाय चुनावों में महायुति गठबंधन की शानदार जीत के बाद मुंबई के कई इलाकों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ‘महाराष्ट्र का धुरंधर’ बताते हुए बड़े-बड़े बैनर्स और पोस्टर लगाए गए हैं। मालाड, कांदिवली समेत शहर के व्यस्त चौराहों और इलाकों में ये पोस्टर नजर आ रहे हैं, जिनमें देवा भाऊ यानी कि देवेंद्र फडणवीस की राजनीतिक जीत और मजबूत नेतृत्व को खास तौर पर दिखाया गया है। ये बैनर्स और पोस्टर हाल ही में हुए निकाय चुनावों में विजयी उम्मीदवारों और समर्थकों ने लगाए हैं। मुंबई भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष तजिंदर सिंह तिवाना ने भी कई जगहों पर ऐसे पोस्टर लगवाए हैं।
'लोग ईमानदारी और विकास चाहते हैं'
बता दें कि BMC सहित महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के चुनावों में बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को जबरदस्त सफलता मिली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को जीत का जश्न मनाते हुए एक रैली में कहा कि लोगों ने महायुति को वोट दिया क्योंकि वे ईमानदारी और विकास चाहते हैं। फडणवीस ने कहा, ‘महायुति बीएमसी सहित 29 महानगरपालिकाओं में से 25 में सत्ता हासिल करने की ओर अग्रसर है। बीजेपी ने विकास का एजेंडा पेश किया और जनता ने सकारात्मक जवाब दिया। हमें कई जगहों पर रिकॉर्ड तोड़ जनादेश मिला है। यह दिखाता है कि लोग ईमानदारी और विकास चाहते हैं।’
'बालासाहेब के आशीर्वाद से यह जीत मिली'
फडणवीस ने आगे कहा, ‘यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन की नीतियों पर महाराष्ट्र की जनता के भरोसे को दिखाता है।’ फडणवीस ने शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे को भी याद किया और कहा, ‘बालासाहेब ठाकरे के आशीर्वाद से महायुति को यह जीत मिली। हमारा एजेंडा हमेशा विकास रहेगा। हम इस जीत का इस्तेमाल लोगों के जीवन बदलने के लिए करेंगे। हिंदुत्व हमेशा से हमारी आत्मा रहा है और हमारे हिंदुत्व को विकास से अलग नहीं किया जा सकता। हमारा हिंदुत्व समावेशी है।’
शिवसेना यूबीटी BMC चुनाव में दूसरे नंबर पर
बीजेपी ने पुणे, पिंपरी-चिंचवड, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर जैसे कई बड़े शहरों में शानदार प्रदर्शन किया। BMC में महायुति गठबंधन (बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना) ने उद्धव ठाकरे गुट के लंबे वर्चस्व को खत्म करते हुए बहुमत हासिल किया। बीएमसी में महायुति को 118 सीटें मिलीं, जो बहुमत के आंकड़े 114 से 4 सीट ज्यादा हैं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी 65 सीटें जीतकर दूसरे नंबर पर रही और बड़ी मुश्किल से अपनी प्रतिष्ठा बचा पाई।