लिव इन रिलेशनशिप का खौफनाक अंत, इंस्टाग्राम पर हजारो फॉलोअर्स वाली लड़की की बॉयफ्रेंड ने हत्या की, शव को सेप्टिक टैंक में फेंका
महाराष्ट्र के गोंदिया की एक लड़की को लिव इन रिलेशनशिप का खौफनाक अंजाम सहना पड़ा। लड़की के बॉयफ्रेंड ने उसकी हत्या कर दी और शव को सेप्टिक टैंक में फेंक दिया।
गोंदिया: महाराष्ट्र के गोंदिया से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बॉयफ्रेंड द्वारा अपनी गर्लफ्रेंड की बेरहमी से हत्या की गई और फिर उसके शव को सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया। शव 5 दिन बाद बरामद किया गया। इस घटना से परिजनों में हड़कंप मचा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
महाराष्ट्र के गोंदिया की रहने वाली 20 वर्षीय मिस्बाह अशरफी उर्फ सिया, पढ़ाई में तेज थी और सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव थी। उसके इंस्टाग्राम पर हजारों फॉलोअर्स थे, वह खुले विचार और अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने की चाह रखती थी लेकिन यही चाह उसे ऐसी राह पर ले गई, जहां अंत में उसे सिर्फ धोखा और मौत मिली।
मिस्बाह मूल रूप से गोंदिया के सिविल लाइन इलाके की रहने वाली थी और नानी के घर पली-बढ़ी। पारिवारिक मतभेदों के बाद वह नानी का घर छोड़कर पेइंग गेस्ट बनकर किराए के मकान में रहने लगी। पहले कपड़ों की दुकान, फिर कैटरिंग में वेटर का काम, इसी दौरान उसकी मुलाकात दीपक पटेल से हुई।
शादी की, नाम बदला और नया सफर शुरू किया
24 अप्रैल 2025 को गोंदिया के ग्रामीण इलाके में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में मिस्बाह ने गुजरात के दीपक पटेल से शादी की। शादी के बाद उसने अपना नाम बदलकर सिया रख लिया और पति के साथ नडियाद चली गई। प्यार में डूबी सिया ने हाथ पर “दीप” नाम और उसकी जन्मतिथि 26 मई 1992 का टैटू तक बनवा लिया।
सिया खुले ख्यालों की थी। उसका साफ कहना था- “मुझे ज़िंदगी में रोक-टोक नहीं चाहिए, कोई रिस्ट्रिक्शन नहीं चाहिए, मुझे पूरी फ्रीडम चाहिए।” यही सोच धीरे-धीरे पति दीपक के साथ तनाव का कारण बनी। घर-गृहस्थी और आजाद सोच के टकराव ने रिश्ते में दरार डाल दी और आखिरकार तलाक हो गया। तलाक के एवज में सिया को डेढ़ लाख रुपए मिले।
डिजिटल दोस्ती और भोपाल की नई दुनिया
इसके बाद डेटिंग ऐप और इंस्टाग्राम के जरिए सिया की दोस्ती भोपाल निवासी समीर से हुई, जो खुद को कुंवारा बताता था। दोस्ती प्यार में बदली और अक्टूबर 2025 में सिया सब कुछ छोड़कर भोपाल पहुंच गई। यहां वह समीर के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगी और तलाक में मिले सारे पैसे समीर पर खर्च कर दिए। पेशे से बैटरी ऑटो रिक्शा चलाने वाला समीर आलसी था, काम भी नियमित नहीं करता था।
शादी का झांसा, छिपाया सच
बाद में खुलासा हुआ कि समीर ने सिया से दो शादियां छुपाईं। पहली पत्नी उसे छोड़ चुकी थी, जबकि दूसरी पत्नी और दो बच्चों के साथ वह रहता था। कमला नगर इलाके की झोपड़ी में रह रही सिया ने हालात बिगड़ते देख खुद काम करना शुरू किया और चूड़ी (आर्टिफिशियल ज्वेलरी) की दुकान में नौकरी करने लगी।
सिया को किडनी स्टोन की परेशानी थी। तबीयत बिगड़ी तो दवा खरीदने तक के पैसे नहीं थे। गोंदिया में मौसी को मैसेज किया उन्होंने 150 रुपए ऑनलाइन भेजे, दवा लाई लेकिन समीर ने गुस्से में उसकी दवाइयां जला दीं। घर में झगड़े बढ़े, सिया शादी का दबाव बनाने लगी। हालात बिगड़ते देख समीर की पत्नी मायके जबलपुर चली गई।
आखिरी फोन कॉल और फिर सन्नाटा
7 फरवरी की सुबह सिया ने अपनी अम्मी को फोन कर कहा “काम पर जा रही हूं, भूखी हूं, 50–60 रुपए भेज दो।” शाम होते-होते फोन बंद। अगले दिन भी संपर्क नहीं। पूछने पर समीर बहाने बनाता रहा, कभी फोन तोड़ने की कहानी, कभी सिया पर 15 हजार लेकर घर से भागने का आरोप और रिपोर्ट तक दर्ज कराने की धमकी दी।
जिसे ज़िंदगी समझा, वही बना कातिल, लाश को सेप्टिक टैंक में फेंका
हकीकत यह थी कि 7 फरवरी की शाम सिया और समीर के बीच तीखी बहस हुई। गुस्से में बौखलाए समीर ने मौका पाकर सिया का गला घोंटकर हत्या कर दी। 8 फरवरी की रात सबूत मिटाने के लिए उसने परिवार की मदद ली। दूसरी पत्नी के दहेज में आई लोहे की बड़ी पेटी में सिया की लाश, पत्थर और ईंट भरकर रस्सी से बांधा और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास खुले मैदान में बने सेप्टिक टैंक में बॉक्स फेंक दिया। इसके बाद समीर पत्नी को लेने जबलपुर चला गया।
टैटू बना सुराग, 24 घंटे में खुला राज
13 फरवरी को बच्चे मैदान में खेल रहे थे, तेज बदबू आई। सेप्टिक टैंक साफ कराया गया तो पेटी में बंद सड़ी-गली लाश मिली। गले के पास गुलाब-पत्ती का टैटू और हाथ पर बना “दीप” नाम व जन्मतिथि, यहीं से निशातपुरा थाना पुलिस को सुराग मिला।
फॉरेंसिक टीम पहुंची, पोस्टमार्टम हुआ और सर्विलांस की मदद से 24 घंटे में ब्लाइंड मर्डर सुलझ गया। मृतका की पहचान सिया उर्फ मिस्बाह अशरफी गोंदिया महाराष्ट्र निवासी के रूप में हुई।
प्रेमी समेत पूरा परिवार गिरफ्तार
पुलिस ने मुखबिरों की सूचना पर जैसे ही समीर भोपाल लौटा, उसे दबोच लिया गया। हत्या के मामले में समीर, उसकी बहन सायमा, मां शहनाज और भाई साहिल के खिलाफ केस दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
परिवार का दर्द
इंडिया टीवी को परिजनों ने बताया कि 13 फरवरी को निशातपुरा थाने से कॉल आया और वीडियो कॉल पर मिस्बाह का शव दिखाया गया जिस पर दादी ने अंगदान की इच्छा जताई। परिवार का अब यही सवाल है कि हमारी बेटी की गलती क्या थी? अब परिजन फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चलाने और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
सिया ने समीर से प्यार किया, भरोसा किया और आजादी की तलाश में अंत में सिर्फ धोखा, हिंसा और मौत मिली। (रिपोर्ट: गोंदिया से रवि आर्य)
