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महाराष्ट्र: मंत्री नितेश राणे को 2019 के एक मामले में कोर्ट ने दोषी ठहराया, सुनाई जेल की सजा

महाराष्ट्र के मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे को 2019 के एक मामले में कोर्ट ने दोषी ठहरा दिया है और जेल की सजा सुनाई है।

Nitesh Rane- India TV Hindi
Image Source : ANI नितेश राणे

मुंबई: महाराष्ट्र के मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र की अदालत ने नितेश राणे को एनएचएआई इंजीनियर पर कीचड़ फेंकने के 2019 के मामले में दोषी ठहराया है और 1 महीने की जेल की सजा सुनाई है।

हालांकि फैसला सुनाने के बाद, महाराष्ट्र की अदालत ने भाजपा मंत्री राणे की सजा को निलंबित कर दिया और उन्हें उच्च न्यायालय में अपील करने की अनुमति दी।

अक्सर अपने बयानों से सुर्खियों में रहते हैं नितेश

नितेश राणे अपने विवादित बयानों की वजह से अक्सर चर्चाओं में रहते हैं। हालही में उन्होंने कहा था कि 'ये देवा भाऊ का महाराष्ट्र है, घुसेगा भी और मारेगा भी।' उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए मदरसों को आतंकियों की फैक्ट्री बताया था और मुंब्रा देवी का नाम बदलने की बात भी कही। 

उन्होंने कहा था कि मदरसों में डॉक्टर या इंजीनियर नहीं, बल्कि आतंकवादी तैयार किए जाते हैं। उन्होंने सहर यूनिस शेख के बयानों का जिक्र करते हुए कहा था कि ऐसी विचारधारा मदरसों से ही आती है। 

उन्होंने कहा था, "जो आज कल भाषण में बोल रहे हैं, ठीक है आजकल के बच्चे हैं थोड़ा लोक प्रतिनिधि बन गए तो इसको वहां हरा कर देंगे ( सहर यूनिस शेख के बयान पर ) कोई बात नहीं वह लोकप्रतिनिधि है इसलिए उस पर कुछ नहीं कहूंगा, लेकिन उसकी विचारधारा महत्वपूर्ण है। इन्हें बचपन से मदरसों में सिखाया जाता है, मदरसों में बैठकर इन्हें डॉक्टर और इंजीनियर नहीं बनाया जाता वहां आतंकवादी तैयार किए जाते हैं। उसके बाद उन लोगों की जुबान से ऐसे शब्द बाहर आते हैं। इन सभी मदरसों को बंद कर देना चाहिए और इन सभी आतंकवादियों को बाहर निकालो। आप थोड़ा रुकिए। हम धर्मांतरण कानून लेकर आए ना अब अगला नंबर मदरसों का है।"

उन्होंने कहा था, "आप चिंता मत करिए, हमने इस्लामपुर का ईश्वरपुर किया, हम मुंब्रा का भी मुंब्रा देवी करेंगे। आप सभी को अपनी जुबान देकर जा रहा हूं, कोई जीतुद्दीन (जितेंद्र आव्हाड ) कुछ नहीं कर पाएगा। ऐसों को मैं सुबह नाश्ते में खाता हूं। उसको देखा ना सभा में, माफी मांगनी पड़ी, अच्छा हुआ कि सभा में मिला और अच्छा हुआ कि मैं मंत्री हूं। नहीं तो वापस घर नहीं जा पाता।"