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महाराष्ट्र में कोविड के 8172 नये मामले आए, बिस्तर पर पड़े मरीजों को घर पर लगेगा कोरोना टीका

महाराष्ट्र में शनिवार को कोविड-19 के 8,172 नये मामले सामने आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 62,05,190 हो गई जबकि इस महामारी से 124 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या 1,26,851 पर पहुंच गई।

महाराष्ट्र में कोविड के 8172 नये मामले आए, बिस्तर पर पड़े मरीजों को घर पर लगेगा कोरोना टीका - India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO महाराष्ट्र में कोविड के 8172 नये मामले आए, बिस्तर पर पड़े मरीजों को घर पर लगेगा कोरोना टीका 

मुंबई। महाराष्ट्र में शनिवार को कोविड-19 के 8,172 नये मामले सामने आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 62,05,190 हो गई जबकि इस महामारी से 124 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या 1,26,851 पर पहुंच गई। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने बयान जारी कर यह जानकारी दी। 

बयान के अनुसार 8,950 और लोगों को अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई, जिससे ठीक होने वालों की कुल संख्या 59,74,594 हो गई। राज्य में स्वस्थ होने की दर 96.28 प्रतिशत है। इसके अनुसार मृत्यु दर 2.04 प्रतिशत है जबकि राज्य में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 1,00,429 हो गयी है। 

इसके अनुसार मुंबई में कोरोना वायरस संक्रमण के 469 नये मामले सामने आने के बाद महानगर में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 7,30,703 हो गई जबकि शहर में इस महामारी से 12 और मरीजों की मौत होने से मृतक संख्या 15,690 पर पहुंच गई। 

महाराष्ट्र में अब बिस्तर पर पड़े बेड पेशंट और व्यक्तियों का टीकाकरण उनके घर जाकर किया जाएगा। कोविन ऐप पर रजिस्ट्रेशन के साथ ही बेड रिडन क्यों है? उसका वैध कारण बताएगा जिसमें डॉक्टर का सर्टिफिकेट और डॉक्युमेंट ई मेल करने के बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी जाकर टीकाकरण करेंगे।

महाराष्ट्र: बिस्तर से नहीं उठ पाने वाले मरीजों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान

महाराष्ट्र में ऐसे मरीजों के लिए कोविड-19 विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा जो बिस्तर से उठने की हालत में नहीं हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को यह घोषणा की। विभाग ने कहा कि ऐसे मरीज जो बिस्तर से उठने की हालत में नहीं हैं और जिनकी हालत अगले छह महीने तक इसी तरह रहने का अनुमान है,उन्हें इस अभियान में शामिल किया जाएगा।

एक बयान में कहा गया,‘‘ ऐसे व्यक्तियों के बारे में जानकारी, चिकित्सक का पर्चा और परिवार के एक सदस्य का सहमति पत्र मेल किया जाना चाहिए।’’ विभाग ऐसी अर्जियों की जांच करेगा और टीकाकरण के लिए अपनी टीमें भेजेगा। गौरतलब है कि बंबई उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दाखिल करके ऐसे लोगों का घर-घर जा कर टीकाकरण करने का अनुरोध किया गया था जो ज्यादा उम्र होने, निशक्त होने के कारण अथवा बीमारी के कारण घर से नहीं निकल सकते ।