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कौन हैं करोड़ों के टर्नओवर वाले फेमस टीचर शिवराज मोटेगांवकर सर? नीट पेपर लीक मामले में CBI ने किया गिरफ्तार

नीट पेपर लीक मामले में CBI लातूर के फेमस टीचर शिवराज मोटेगांवकर सर को गिरफ्तार किया है। बता दें कि शिवराज मोटेगांवकर सर अपने सोशल मीडिया फॉलोअर्स और करोड़ों के टर्नओवर को लेकर भी प्रसिद्ध हैं।

neet paper leak shivraj motegaonkar- India TV Hindi
Image Source : INSTA (@SHIVRAJ_MOTEGAONKAR) शिवराज मोटेगावकर सर।

नीट पेपर लीक मामले में लगातार कार्रवाई जारी है। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कइयों से पूछताछ भी की जा रही है। अब नीट पेपर लीक के जांच के दौरान महाराष्ट्र के लातूर के प्रसिद्ध शिवराज मोटेगांवकर सर का नाम भी चर्चा में आ गया है। सीबीआई की टीम ने उनसे बीते कई दिनों से पूछताछ की और अब गिरफ्तार कर लिया है। आइए जानते हैं शिवराज मोटेगांवकर सर के बारे में खास बातें।

किसान परिवार से आते हैं शिवराज सर

शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के कोचिंग जगत में “M SIR ” के नाम से जाना जाता हैं। वह लातूर का एक केमिस्ट्री टीचर हैं, जिन्होंने RCC Classes ( Renukai Chemistry Classes) को राज्य के सबसे बड़े NEET-JEE कोचिंग ब्रांड्स में से एक बनाया। मोटेगांवकर लातूर के एक किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साइंस के छात्रों को निजी ट्यूशन पढ़ाकर की थी और अक्सर साइकिल से पूरे शहर में जाकर पढ़ाते थे। करीब 1999 में उन्होंने किराए के एक कमरे से केवल 10 छात्रों के साथ कोचिंग क्लास शुरू की। पूर्व छात्रों के मुताबिक, शुरुआती वर्षों में वह खुद केमिस्ट्री पढ़ाते थे, हाथ से नोट्स तैयार करते थे और कक्षा 11वीं, 12वीं तथा प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के छोटे बैच संचालित करते थे।

अगले दो दशकों में RCC (रेणुकाई करियर सेंटर) लातूर की तेजी से बढ़ती कोचिंग इंडस्ट्री के साथ विकसित हुआ और जिले के प्रसिद्ध “लातूर पैटर्न” से जुड़ गया, जो प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए जाना जाता है। RCC के केमिस्ट्री नोट्स, टेस्ट सीरीज मॉड्यूल और शिक्षण पद्धति महाराष्ट्र भर के NEET, JEE और CET अभ्यर्थियों के बीच काफी लोकप्रिय हुई।

100 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर 

आज स्थानीय कोचिंग इंडस्ट्री के मुताबिक , RCC के विभिन्न केंद्रों जिनमें लातूर, पुणे, नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़, सोलापुर और कोल्हापुर शामिल हैं, में हर साल करीब 40,000 छात्र दाखिला लेते हैं। फीस संरचना के आधार पर स्थानीय सूत्र संस्थान का वार्षिक टर्नओवर 100 करोड़ रुपये से अधिक बताते हैं। इसके पहले छात्र मोटेगांवकर को ऐसे शिक्षक के रूप में याद करते हैं जिन्होंने ग्रामीण और अर्ध-शहरी पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए केमिस्ट्री को आसान बनाया। लातूर के स्थानीय लोगों की माने तो, “शिक्षा के क्षेत्र में उनके काम की वजह से उन्हें एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व माना जाता है।” छात्रों के अनुसार, शुरुआती दौर में RCC अपेक्षाकृत कम फीस लेता था और कॉन्सेप्ट आधारित पढ़ाई पर जोर देता था।

क्लासरूम कोचिंग से आगे निकला संस्थान

RCC के विस्तार के साथ संस्थान ने केवल क्लासरूम कोचिंग तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि डिजिटल लर्निंग, राज्यव्यापी टेस्ट सीरीज, मेंटरशिप प्रोग्राम और NEET, JEE तथा MHT-CET अभ्यर्थियों के लिए ऐप आधारित अध्ययन सामग्री भी शुरू की। संस्थान की वेबसाइट के अनुसार, शिवराज मोटेगांवकर केमिस्ट्री में M.Sc गोल्ड मेडलिस्ट हैं,और उन्हें “दूरदर्शी शिक्षाविद” बताया गया है।

जांच एजेंसियां सेवानिवृत्त केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी के साथ उनके संबंधों की भी जांच कर रही हैं। पीवी कुलकर्णी को इस मामले में पहले गिरफ्तार किया गया है, और उस पर केमिस्ट्री से जुड़े प्रश्न लीक करने का आरोप है। लातूर के कोचिंग जगत से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कुलकर्णी ने कुछ समय पहले RCC Classes में पढ़ाया था। ऐसे में शिवराज मोटेगांवकर और नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी के संबंधों की जांच सीबीआई कर रही है।