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ऑनलाइन गेमिंग ने उजाड़ दिया परिवार, शख्स ने गंवाए 12 करोड़ रुपये; बताई SCAM की पूरी कहानी

मुंबई के रहने वाले एक शख्स का पूरा परिवार ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में उजड़ गया। पीड़ित ने बताया कि उसने इस चक्कर में 12 करोड़ रुपये

ऑनलाइन गेमिंग ने उजाड़ा परिवार।- India TV Hindi
Image Source : PIXABAY/REPRESENTATIONAL ऑनलाइन गेमिंग ने उजाड़ा परिवार।

समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने का हवाला देते हुए सरकार ने पैसों से खेले जाने वाले सभी प्रकार के ऑनलाइन सोशल गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा लिया है। सरकार ने जोर देकर कहा कि ऑनलाइन मनी गेमिंग एक गंभीर सामाजिक और जन स्वास्थ्य समस्या बन गई है, जिसका समाज पर स्पष्ट रूप से नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला मुंबई से सामने आया है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। यहां ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में एक शख्स का पूरा परिवार बर्बाद हो गया। 

माता-पिता का भी हो गया देहांत

दरअसल, मुंबई के रहने वाले अजय नाम के एक शख्स को ऑनलाइन गेमिंग और गैंबलिंग के चक्कर में लगभग 12 करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। यह पैसे उसने कोविड के दौरान साल 2020 से लेकर अब तक अलग-अलग गेमिंग एप्लीकेशन में लगाए, जिसमें पैरी मैच से लेकर कई ऐसे एप्लीकेशन शामिल हैं, जो सरकार की तरफ से मान्य नहीं थे। पीड़ित ने कुल मिलाकर लगभग 30 करोड़ रुपये लगाए, जिसमें से 12 से 13 करोड़ का उसे नुकसान हुआ। इस पूरी घटना के दौरान उसके माता-पिता का देहांत भी हो गया। उसने 500 रुपये से इसकी शुरुआत की थी।

शख्स ने सरकार को दिया धन्यवाद

पीड़ित ने केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया कि Dream11 को बंद कर दिया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यह तो वह एप्लीकेशन है जो प्ले स्टोर और अन्य एप्लीकेशन पर मौजूद था, कई ऐसे एप्लीकेशन भी हैं जो केवल ब्राउजर में चलते हैं और वह सरकार की तरफ से ना तो मान्य किए गए हैं और न ही उनकी कोई वैधता है। मैं ऐसा व्यक्ति हूं, जो सामने आया। कई ऐसे लोग हैं, जिनको करोड़ों का नुकसान हुआ और वह सामने नहीं आ रहे हैं।

जांच एजेंसियों का किया सहयोग

पीड़ित अजय ने इंडिया टीवी से बात करते हुए बताया कि इस एप्लीकेशन में पैसे लगाने के बाद जब उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हो रही है तो उन्होंने मुंबई के साइबर पुलिस में मामला दर्ज कराया। पुलिस की तरफ से उनकी मदद की गई और बाद में केंद्रीय जांच एजेंसी ED ने भी पीड़ित को बुलाकर पूछताछ की, क्योंकि मामला फ्रॉड का था और अमाउंट भी बड़ा है। जांच एजेंसियों को पैसे का ट्रांजेक्शन भी चाहिए था, इसलिए उन्होंने जो भी जानकारी और डॉक्यूमेंट मांगे पीड़ित ने सब एजेंसियों को मुहैया कराए।

पीड़ित ने स्कैम के बारे में दी जानकारी

पीड़ित अजय ने बताया कि ऑनलाइन गैंबलिंग एप में कोई भी वेरिफिकेशन नहीं चाहिए होता और कई बार यह एप्लीकेशन आपके डाटा का दुरुपयोग भी कर सकते हैं। बिना बताए पैसे भी अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं। जब आप अमाउंट जीतने लगते हैं तो आपके अकाउंट को फ्रीज कर दिया जाता है और अलग-अलग तरीकों से आपको ठगने की कोशिश की जाती है। पीड़ित ने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग एप को लेकर सरकार ने जो नियम बनाए हैं वह बेहतर हैं और इसकी बहुत ज्यादा जरूरत थी, लेकिन जो एप्लीकेशन ऑनलाइन मौजूद नहीं और ऑफिशियल नहीं है उन पर भी कड़ा एक्शन होना चाहिए।