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Hindi News महाराष्ट्र मराठा आरक्षण पर बीजेपी और शिवसेना में श्रेय लेने की होड़? किस तरह का 'नैरेटिव सेट' करने में जुटे नेता, जानें

मराठा आरक्षण पर बीजेपी और शिवसेना में श्रेय लेने की होड़? किस तरह का 'नैरेटिव सेट' करने में जुटे नेता, जानें

शिंदे सेना की तरफ से यह नैरेटिव सेट किया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे के कुशल नेतृत्व की वजह से मराठाओं की जीत हुई। शिंदे सेना के सुपर एक्टिव होने के बाद अब अचानक से कई प्रमुख शहरों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बड़े-बड़े पोस्टर्स लग गए हैं।

devendra fadnavis, Eknath shinde- India TV Hindi Image Source : PTI देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे

मुंबई:  मराठा आरक्षण के मुद्दे को लेकर अब सत्तारूढ़ महायुति के प्रमुख घटक दल शिवसेना और बीजेपी के बीच श्रेय लेने की होड़ मची है। सरकार की ओर से मराठा आरक्षण को लेकर किए गए ऐलान के बाद अब शिवसेना की ओर से लगातार यह प्रचार किया जाने लगा कि एकनाथ शिंदे के प्रयासों की वजह से मराठा आंदोलन सफल हुआ। वहीं बीजेपी अब सीएम देवेंद्र फडणवीस के बड़े-बड़े पोस्टर्स लगाकर मराठा आरक्षण का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है।

नैरेटिव सेट करने की कोशिश!

मराठा आरक्षण को लेकर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे खुद मीडिया में आकर यह इंटरव्यू दे रहे हैं और बता रहे हैं कि किस तरह महायुति सरकार ने मराठाओं की मांगों को पूरा किया। वहीं शिंदे सेना की तरफ से यह नैरेटिव सेट किया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे के कुशल नेतृत्व की वजह से मराठाओं की जीत हुई।

देवेंद्र फडणवीस के लगे पोस्टर

शिंदे सेना के सुपर एक्टिव होने के बाद अब अचानक से महाराष्ट्र के कई प्रमुख शहरों और जिलों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बड़े-बड़े पोस्टर्स लग गए हैं। जिनमें देवेंद्र फडणवीस और शिवाजी महाराज की तस्वीर है। इन पोस्टर्स में फडणवीस हाथ जोड़कर शिवाजी महाराज को प्रणाम कर रहे हैं। इस पोस्टर के नीचे लिखा है देवा भाऊ। इस पोस्टर में कहीं भी मराठा आरक्षण का जिक्र नहीं है लेकिन संकतों के जरिए यह बताने का प्रयास किया जा रहा है की देवेंद्र फडणवीस ने ही मराठाओं के आरक्षण की मांग को पूरी किया है। महाराष्ट्र बीजेपी भी मैदान में उतर आई है। बीजेपी के कई नेता सोशल मीडिया के जरिए यह नरेटीव सेट करने का प्रयास कर रहें है की फडणवीस ही मराठाओं के असली मसीहा है। 

मनोज जरांगे के अनशन पर झुकी सरकार

बता दें कि मराठा आरक्षण पर महाराष्ट्र सरकार की मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने कार्यकर्ता मनोज जरांगे के अनिश्चितकालीन अनशन के दौरान पात्र मराठों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र देने सहित उनकी अधिकांश मांगों को स्वीकार कर लिया। जरांगे ने इसे “जीत” बताते हुए अनशन समाप्त कर दिया था। कुनबी दर्जा मिलने से मराठा समुदाय के सदस्य ओबीसी आरक्षण का दावा करने के पात्र हो जाएंगे, जो जरांगे की प्रमुख मांग रही है। अब सरकार ने भी इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।