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Hindi News महाराष्ट्र गोवंश तस्करों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, यूपी पासिंग वाहन का कर रहे थे इस्तेमाल

गोवंश तस्करों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, यूपी पासिंग वाहन का कर रहे थे इस्तेमाल

गोवंश की तस्करी करने वाले एक गैंग को नागपुर पुलिस ने धर दबोचा है। यह गैंग मध्य प्रदेश का रहने वाला है। नागपुर के कामठी पुलिस को यह सूचना मिली थी कि एक कंटेनर ट्रक में गोवंश को कत्ल करने के लिए नागपुर लाया जा रहा है।

Nagpur Police arrested cattle smugglers they were using UP passing vehicle- India TV Hindi Image Source : INDIA TV गोवंश तस्करों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

गोवंश की तस्करी करने वाले एक गैंग को नागपुर पुलिस ने धर दबोचा है। यह गैंग मध्य प्रदेश का रहने वाला है। नागपुर के कामठी पुलिस को यह सूचना मिली थी कि एक कंटेनर ट्रक में गोवंश को कत्ल करने के लिए नागपुर लाया जा रहा है। पुलिस ने जाल बिछाकर कंटेनर पकड़ा और तस्करी करने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं पकड़े गए आरोपी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। बता दें कि को सूचना मिली थी कि UP70 GT 2423 नंबर का कंटेनर ट्रक सिवनी से गोवंश लेकर नागपुर की ओर आ रहा है।

गोवंश तस्करों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

जानकारी के आधार पर पुलिस ने नाकाबंदी कर दी और ट्रक को रोककर जांच करने पर उसमें 30 गोवंश मिले। पुलिस के मुताबिक गोवंशों को बड़ी ही क्रूरता के साथ कंटेनर में ठूसा गया था। इसमें दो गोवंश अधमरी अवस्था में मिले हैं। पूछताछ में पता चला कि पुलिस की निगरानी करने के लिए ट्रक के आगे चार पहिया वाहन भी चल रहा था। खबर मिलते ही पुलिस ने MP 22 ZB 0579 नंबर की गाड़ी को पकड़ा। पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गौ तस्करों का सरगना कोई और है। मध्यप्रदेश कR गोतस्करी गैंग होने के कारण पुलिस एमपी पासिंग वाहनों की जांच करती है। 

गौ-तस्करी का यूपी और एमपी कनेक्शन

इस कारण आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए यूपी पासिंग का कंटेनर ट्रक उपयोग किया। पुलिस ने कंटेनर में मिले मवेशियों को वाहन से बाहर निकाला और उन्हें भंडारा की गौशाला में भेज दिया। इस दौरान पुलिस ने 6 गोवंश तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गोवंश तस्करी का मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश कनेक्शन सामने आ रहा है। पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार गोवंश तस्करी पर शिकंजा कसने के लिए व्यापक तैयारी कर चुके हैं। इससे पहले कार्रवाई में ढील देने वाले कई पुलिस अधिकारी कर्मचारियों को निलंबित किया गया था।