NEET री-एग्जाम की डेट का ऐलान होने के साथ ही पेपर लीक मामले में एक्शन तेज हो हो गया है। CBI ने पेपर लीक के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। CBI, पेपर लीक के मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी से पूछताछ कर रही है। CBI को शक है कि 2024 पेपर लीक और अन्य मामलों में भी पीवी कुलकर्णी की संलिप्तता हो सकती है। CBI की टीम अब भी लातूर में मौजूद है। फेमस RCC इंस्टीट्यूट में संचालक के साथ कुछ पेरेंट्स और स्टूडेंट्स से भी पूछताछ की गई है।
नीट एग्जाम के प्रॉसेस का हिस्सा था पीवी कुलकर्णी
बता दें कि पेपर लीक का मास्टरमाइंड कमेस्ट्री का रिटायर्ड लेक्चरर पीवी कुलकर्णी है। CBI ने प्रोफेसर को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। पीवी कुलकर्णी, महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है, वो NTA की तरफ से नीट एग्जाम के प्रॉसेस का हिस्सा था। उसने कोचिंग के छात्रों को पेपर लीक कर सवाल-जवाब रटवाए थे। जानकारी के मुताबिक, केवल NEET 2026 लीक ही नहीं; गिरफ्तारी से पहले PV कुलकर्णी की तरफ से सेट किए गए हर एक पेपर के बारे में CBI ने पूछताछ की है। 2024 पेपर लीक और अन्य मामलों में भी उसकी संलिप्तता हो सकती है।
स्टूडेंट्स को ऐसे करते थे अप्रोच
नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे ने पुणे और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में संगठित तौर पर स्टूडेंट को अप्रोच किया। संगठित गिरोह में स्टूडेंट्स की मजबूरी के आधार पर उनका इस्तेमाल किया। एक चेन की तरह कुछ जगहों पर सेमिनार का भी आयोजन किया गया था। ज्यादातर उम्र में बड़े और अलग स्ट्रीम के बच्चों को बतौर एजेंट के तौर पर रखा गया था। सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर स्टूडेंट इंजीनियरिंग स्ट्रीम के थे।
NEET पेपर सेट करने में कई बार निभाई है भूमिका
गौरतलब है कि नीट पेपर लीक 2026 की शुरुआती जांच में लातूर का नाम शामिल नहीं था, लेकिन एक अभिभावक की शिकायत से जिला पुलिस ने अपनी जांच के बारे में CBI को बताया। पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, चूंकि पीवी कुलकर्णी ने रिटायरमेंट से पहले NEET पेपर सेट करने में कई बार भूमिका निभाई है, इसलिए 2024 लीक की जांच को लेकर भी अब कुलकर्णी से पूछताछ हो रही है।
पीवी कुलकर्णी के पास था स्टूडेंट्स का डेटा
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीवी कुलकर्णी खुद लातूर से है, उसके पास स्टूडेट्स के डेटा का एक्सेस था, जो उसने मनीषा वाघमारे के साथ साझा किया। महाराष्ट्र में लातूर को मेडिकल स्टूडेंट्स के प्रिपरेशन का हब माना जाता है। पुणे पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि हमें पता चला कि NEET परीक्षा के दिन मनीषा वाघमारे के खाते में 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इतना ही नहीं कई स्टूडेंट्स ने मनीषा वाघमारे को 25 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे।
मॉक टेस्ट के आधार पर करते थे बच्चों का चयन
पीवी कुलकर्णी से मिले डाटा का इस्तेमाल कर उसके गुर्गे, जिसमें मनीषा वाघमारे भी शामिल है, ऐसे स्टूडेंट्स को आईडेंटिफाई करती थी जो पढ़ाई में कमजोर हो। कोचिंग इंस्टिट्यूट में हुए मॉक टेस्ट की मदद से बच्चों की स्थिति का आकलन बड़ी ही आसानी से हो जाता था जिसके बाद यह ग्रुप उन्हें अप्रोच करता था।
किसी स्टूडेंट से 25 लाख तो किसी से 25 हजार ही क्यों लिए?
अच्छी आर्थिक स्थिति और बड़े घरों के बच्चों से लाखों रुपये वसूलने आसान थे। वहीं, जिन स्टूडेंट्स की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी उन्हें इस गिरोह की तरफ से टूल के रूप में इस्तेमाल किया गया। इसलिए जिन स्टूडेंट्स तक पेपर पहुंचा उनमें 25 लाख से लेकर 25 हजार के स्तर के बच्चे शामिल हैं।
क्या है लातूर पैटर्न?
महाराष्ट्र में नीट के स्टूडेंट्स के लिए लातूर एक महत्वपूर्ण जगह है, क्योंकि किसी भी एजुकेशन हब की तरह लातूर में मौजूद सैकड़ों की संख्या में कोचिंग इंस्टिट्यूट से NEET में पास होने वाले स्टूडेंट्स की सफलता का रेशियो बहुत ज्यादा है। और यही कारण है कि इस एजुकेशन हब को लेटर पैटर्न का नाम दिया गया लेकिन अब पेपर लीक में लातूर पैटर्न चर्चा का केंद्र है।
लातूर में CBI ने अब तक कई कोचिंग इंस्टिट्यूट और उनके मालिकों से पूछताछ की है। जांच एजेंसियों को यह शंका है कि पीवी कुलकर्णी ने अपने पद का इस्तेमाल कर कई इंस्टिट्यूट को लीक पेपर पहुंचाया होगा।
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