पुणे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सरकारी खर्च में कटौती करने और सादगी अपनाने की अपील का असर अब राज्यों के साथ-साथ केंद्रीय मंत्रियों के दौरे में भी नजर आने लगा है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राज्यमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संत ज्ञानेश्वर-तुकाराम पालकी मार्ग का निरीक्षण बस से करने का फैसला किया है। साथ ही उन्होंने अपने काफिले की गाड़ियों में 50 प्रतिशत तक कटौती करने का फैसला भी लिया है।
बस से पालकी मार्ग का इंस्पेक्शन करेंगे गडकरी
केंद्रीय मंत्री गडकरी 14 और 15 मई को महाराष्ट्र में संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज पालकी मार्ग का निरीक्षण करेंगे। इस बार खास बात यह है कि निरीक्षण के लिए नितिन गडकरी के साथ गाड़ियों का बड़ा काफिला नहीं रहेगा। इसके बजाय बस का इस्तेमाल किया जाएगा।
नितिन गडकरी ने पुणे पुलिस कमिश्नर, जिला कलेक्टर और अन्य सीनियर अधिकारियों को भेजी चिट्ठी में स्पष्ट कहा है कि इंस्पेक्शन टूर के दौरान अधिकारियों, पत्रकारों और सुरक्षाकर्मियों के साथ पालकी मार्ग का निरीक्षण करने के लिए एक बस की व्यवस्था की जाए।
पीएम मोदी ने की थी फिजूलखर्ची रोकने की अपील
बता दें कि पीएम मोदी ने 11 मई को हैदराबाद की एक रैली में सरकारी खर्च में कटौती करने और ईंधन बचाने की अपील की थी। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का उल्लेख करते हुए देशवासियों से अपील की थी कि वे ईंधन बचाएं। साथ ही उन्होंने सरकारी विभागों से भी फिजूलखर्ची रोकने को कहा था। लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने को कहा था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने काफिले का आकार काफी कम कर दिया है। SPG प्रोटोकॉल के अनुसार, सुरक्षा के जरूरी मानदंडों को बरकरार रखते हुए वाहनों की संख्या में कमी की गई है। आज दिल्ली की सड़कों पर पीएम मोदी के काफिले में केवल दो गाड़ियां नजर आईं।