किसने किया ये जानलेवा चमत्कार? मीरा-भायंदर फ्लाईओवर के डिजाइन पर विपक्ष का तंज, अब MMRDA को देनी पड़ी सफाई
मुंबई के मीरा-भायंदर फ्लाईओवर को लेकर सोशल मीडिया पर लोग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। राजनीतिक पार्टियों ने भी अब सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। इस पूरे मामले पर MMRDA को सफाई देनी पड़ी है।

मुंबई के मीरा-भायंदर के नए फ्लाईओवर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। मुंबई मेट्रो लाइन-9 के तहत निर्मित इस डबल-डेकर फ्लाईओवर को लेकर लोग जमकर सवाल उठा रहे हैं और इसे 'इंजीनियरिंग का अजूबा' या 'खतरनाक डिजाइन' करार दे रहे हैं। फ्लाईओवर के चार लेन अचानक दो लेन में क्यों बदल जाते हैं? इस सवाल को लेकर लोग सोशल मीडिया पर आवाज उठा रहे हैं।
महाराष्ट्र में इंजीनियरिंग का जानलेवा चमत्कार
राजनीतिक पार्टियों यानी कांग्रेस और मनसे ने भी इस पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फ्लाईओवर का वीडियो डालते हुए लिखा, 'महाराष्ट्र में इंजीनियरिंग का 'चमत्कार' हुआ है। एक फोर लेन ब्रिज अचानक से दो लेन में बदल गया। महाराष्ट्र हो या मध्य प्रदेश- BJP सरकार में ऐसे जानलेवा 'चमत्कार' आम हो चुके हैं। जनता परेशान हो या हादसों में जान गंवाए, सरकार को रत्ती भर फर्क नहीं पड़ रहा- न जिम्मेदारी और न जवाबदेही।'
मनसे ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
भायंदर के पुराने पेट्रोल पंप फ्लाईओवर की घटिया योजना को लेकर मनसे भी आक्रामक हो गई है। मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण ( MMRDA) के लापरवाह कामकाज पर मनसे ने तीखा हमला किया है। फ्लाईओवर को ‘बॉटल नेक’ का रूप देकर यातायात जाम बढ़ाने वाले इंजीनियरों को मनसे शहर अध्यक्ष संदीप राणे ने प्रतीकात्मक रूप से हार पहनाकर ‘वस्तरा’ भेंट करने की घोषणा की है। इस पुल के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाते हुए, इस ‘अजीब’ योजना के विरोध में मनसे ने यह अनोखा आंदोलन किया है।
एमएमआरडीए को देनी पड़ी सफाई
इस पूरे मामले पर एमएमआरडीए ने सफाई दी है। इस डिजाइन में कोई गलती नहीं है और उपलब्ध सड़क चौड़ाई तथा भविष्य के यातायात नेटवर्क की योजना के अनुसार ही यह संरचना तैयार की गई है, ऐसा स्पष्टीकरण एमएमआरडीए प्राधिकरण ने दिया है।
मेट्रो के नीचे समानांतर 3 फ्लाईओवर बनाए गए
एमएमआरडीए ने कहा कि मीरा-भायंदर शहर के मुख्य मार्गों पर मेट्रो के नीचे समानांतर तीन फ्लाईओवर बनाए गए हैं। इनमें से दो पुल यातायात के लिए खोल दिए गए हैं, जबकि दीपक हॉस्पिटल से फाटक के बीच का अंतिम पुल निर्माण के अंतिम चरण में है। इस बीच, इस पुल के अंतिम सिरे पर चार लेन की बजाय दो लेन में उतरने की व्यवस्था है। इसके चलते भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका जताते हुए नागरिक सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर शिकायतें कर रहे हैं। इन वीडियो के आधार पर एमएमआरडीए ने अपनी सफाई दी है।
शेष दो लेन भविष्य के लिए सुरक्षित रखी गईं
प्रशासन के अनुसार, यह फ्लाईओवर मूल रूप से भायंदर पूर्व के लिए दो लेन और भविष्य में भायंदर पश्चिम से जोड़ने के लिए अतिरिक्त दो लेन के साथ नियोजित किया गया है। फिलहाल भायंदर पूर्व की ओर जाने वाला मार्ग पहले आता है। इसलिए चार लेन की संरचना अस्थायी रूप से दो लेन में परिवर्तित होती हुई दिखाई देती है। शेष दो लेन भविष्य में पश्चिम रेलवे मार्ग के ऊपर से भायंदर पश्चिम की ओर जाने वाले विस्तार के लिए सुरक्षित रखी गई हैं।
मेट्रो के साथ एकीकृत 2+2 लेन का फ्लाईओवर
गोल्डन नेस्ट सर्कल तक, जहां पांच प्रमुख सड़कें एकत्र होती हैं और यातायात अत्यधिक होता है। वहां मेट्रो के साथ एकीकृत 2+2 लेन का फ्लाईओवर और दोनों ओर स्लिप रोड दिए गए हैं, ताकि यातायात को प्रभावी ढंग से वितरित किया जा सके। इसके बाद, भायंदर पूर्व की ओर जाते समय विकास योजना के अनुसार उपलब्ध स्थान कम होने के कारण मध्य में 1+1 लेन का फ्लाईओवर और अलग चढ़ान-उतरान मार्ग बनाए गए हैं।
व्यस्त चौराहों में से एक पर निरंतर यातायात प्रवाह
इस डिजाइन से मीरा-भायंदर के अत्यधिक व्यस्त चौराहों में से एक पर निरंतर यातायात प्रवाह बनाए रखना संभव होगा, ऐसा प्रशासन का कहना है। भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर दोनों ओर से अतिरिक्त 1+1 लेन बढ़ाने का प्रावधान रखा गया है, जिसके लिए प्रस्ताव फिलहाल योजना चरण में है। इसे मीरा-भायंदर महानगरपालिका के समन्वय और आवश्यक अनुमतियों के बाद लागू किया जाएगा।
दिशासूचक बोर्ड और एंटी-क्रैश बैरियर्स लगाए गए
फिलहाल फ्लाईओवर का मुख्य उद्देश्य यातायात जाम कम करना और वाहनों की गति को सुचारु रखना है। सुरक्षा के लिए रंबल स्ट्रिप्स, डिलिनेटर्स, स्पष्ट संकेतक, रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टैग्स, दिशासूचक बोर्ड और एंटी-क्रैश बैरियर्स लगाए गए हैं। फ्लाईओवर शुरू करने से पहले यातायात पुलिस के मार्गदर्शन में और भी आवश्यक उपाय किए जाएंगे, यह भी प्रशासन ने स्पष्ट किया है।
रिपोर्ट- हनीफ पटेल