पुणे: पुणे के पिंपरी चिंचवड़ से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने महज शादी के लिए खुद के पुलिस में भर्ती होने का झूठा दावा किया और इलाके में अपने पोस्टर भी लगवा दिए। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले को लेकर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी संभाजी कदम ने बताया कि पुलिस स्टेशन की सीमा में ऋषिकेश जाधव नामक एक युवक रहता है। ऋषिकेश ने हालही में इलाके में कई बड़े बैनर और पोस्टर लगवाए थे, जिनमें उसने यह दावा किया था कि उसका चयन महाराष्ट्र पुलिस बल में हो गया है। इन पोस्टरों में उसे वर्दी में या पुलिस बल में शामिल होने की बधाई देते हुए दिखाया गया था।
इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ तब हुआ जब इलाके में नियमित गश्त (पेट्रोलिंग) कर रहे बीट मार्शल की नजर इन पोस्टरों पर पड़ी। वर्दी में पोस्टर देखकर और युवक के बारे में संदेह होने पर पुलिस ने आंतरिक जांच और सत्यापन (वेरिफिकेशन) की प्रक्रिया शुरू की। जांच में यह पाया गया कि ऋषिकेश जाधव का पुलिस विभाग में कोई चयन नहीं हुआ है और पोस्टर में किए गए सभी दावे पूरी तरह से झूठे और अवैध हैं।
पुलिस की पूछताछ और शुरुआती तफ्तीश में जो कारण सामने आया वह काफी अजीबोगरीब था। अधिकारी ने बताया कि आरोपी युवक ने यह सारा स्वांग शादी करने के लिए रचा था। भविष्य में उसकी अच्छी जगह शादी हो सके और ससुराल पक्ष पर प्रभाव पड़े, इस लालच में उसने पुलिस की वर्दी का सहारा लिया और पूरे इलाके में अपने "पुलिस" होने का प्रचार किया।
उसके खिलाफ अवैध तरीके से बैनर लगाने और पुलिस विभाग के नाम का गलत इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इस तरह के कृत्यों से न केवल विभाग की छवि धूमिल होती है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है। (रिपोर्ट- समीर शेख)