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Hindi News महाराष्ट्र क्या 12 फरवरी को अजीत और शरद पवार की पार्टी का विलय होना था? इस वीडियो से मची सियासी खलबली

क्या 12 फरवरी को अजीत और शरद पवार की पार्टी का विलय होना था? इस वीडियो से मची सियासी खलबली

शरद पवार ने कहा कि एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की बातचीत चल रही थी। उनके भतीजे अजीत ने विलय के लिए 12 फरवरी की तारीख का प्रस्ताव दिया था।

अजित और शरद पवार- India TV Hindi Image Source : PTI अजित और शरद पवार

मुंबई: अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी ने आखिरकार सुनेत्रा पवार को पार्टी की कमान सौंप दी है। लेकिन इससे पहले एनसीपी (एसपी) सुप्रीम के एक बयान और फिर एक वीडियो ने सियासी खलबली मचा दी है। शरद पवार ने आज दावा किया कि एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की बातचीत चल रही थी। उनके भतीजे अजीत ने 12 फरवरी को एक संभावित तारीख के तौर पर प्रस्तावित किया था।

वीडियो आया सामने

शरद पवार के दावे के कुछ ही समय बाद, सोशल मीडिया पर अजीत और शरद पवार का एक वीडियो सामने आया, जिसमें दोनों को दूसरे नेताओं के साथ बातचीत करते देखा जा सकता है। न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक, वीडियो 17 जनवरी का है। NCP(SP) नेताओं का दावा है कि दोनों गुटों के मर्जर पर यह आखिरी मीटिंग थी।

अजित एनसीपी को एकजुट करना चाहते थे-शरद पवार

 शरद पवार ने बारामती में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि एनसीपी के गुटों को एकजुट करना अजित पवार की इच्छा थी और वह इसे लेकर आशावादी थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या पवार परिवार से कोई शपथग्रहण समारोह में शामिल होगा तो उन्होंने कहा, ''हमें शपथग्रहण के बारे में पता नहीं है। हमें खबरों से इसकी जानकारी मिली। शपथग्रहण के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।'' उन्होंने कहा कि यह फैसला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने ही लिया होगा और इस संबंध में उनसे कोई चर्चा नहीं की गई। 

शपथग्रहण समारोह की जानकारी नहीं-शरद पवार

शरद पवार ने कहा, ''मुझे शपथग्रहण समारोह की जानकारी नहीं है। मुझे यह भी नहीं पता है कि यह आज होने वाला है। शपथग्रहण समारोह के बारे में मुझसे कोई चर्चा नहीं हुई। शायद उनकी पार्टी एनसीपी ने यह फैसला किया होगा। प्रफुल्ल पटेल एवं सुनील तटकरे के नाम सामने आए हैं और पता चला है कि उन्होंने पहल की है। हो सकता है कि उन्होंने पार्टी के भीतर ही यह फैसला किया हो।'' शरद पवार ने कहा कि सत्तारूढ़ दल को शायद लगा होगा कि अजित पवार के निधन के बाद किसी को यह पद संभालना चाहिए।