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असम में धर्मांतरण करा रहा था कनाडा का नागरिक, वापस अपने देश भेजा गया

असम के जोरहाट में धर्मांतरण गतिविधियों में शामिल कनाडाई नागरिक ब्रैंडन जोएल डिवील्ट को वीजा समाप्त होने पर भारत से डिपोर्ट कर दिया गया। वह जोरहाट के ग्रेस चर्च से धर्मांतरण का काम कर रहा था।

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Image Source : SOCIAL MEDIA कनाडाई नागरिक ब्रैंडन जोएल डिवील्ट।

जोरहाट: असम के जोरहाट जिले में कथित तौर पर धर्मांतरण गतिविधियों में शामिल कनाडा के एक शख्स को नई दिल्ली से शुक्रवार को वापस उसके देश भेज दिया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ‘ब्रैंडन जोएल डिवील्ट नाम का यह शख्स 2021 से जोरहाट में ही रह रहा था। जोरहाट के SP श्वेतांक मिश्रा ने बताया कि कनाडाई नागरिक का वीजा भी इस साल 17 जनवरी को समाप्त हो गया था। उन्होंने बताया, ‘कनाडाई नागरिक ने वीजा के रिन्यूअल के लिए अप्लाई किया था और सत्यापन के दौरान हमें पता चला कि वह जोरहाट में धर्मांतरण कराने में संलिप्त है।’

‘FRRO ने जारी किया था भारत छोड़ो नोटिस’

श्वेतांक मिश्रा ने आगे कहा, ‘ब्रैंडन धर्मांतरण गतिविधियों में शामिल था और जोरहाट के मिशन कैम्पस स्थित ग्रेस चर्च से अपना काम संचालित कर रहा था। हमने कोलकाता स्थित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) को एक प्रतिकूल रिपोर्ट भेजी।’ इसके बाद FRRO ने कनाडा के नागरिक को ‘भारत छोड़ो नोटिस’ जारी किया, जो जोरहाट पुलिस ने उसे दिया। जोरहाट के SP ने कहा, ‘नोटिस का अनुपालन करने के लिए पुलिस ने उसे इस हफ्ते की शुरुआत में कोलकाता में FRRO को सौंप दिया।’ उन्होंने बताया कि कनाडाई नागरिक को अब नई दिल्ली से उसके देश वापस भेज दिया गया है। 

पहले भी सामने आ चुके हैं इस तरह के मामले

बता दें कि असम में पहले भी विदेशी नागरिकों द्वारा धर्मांतरण करवाने के इस तरह के मामले सामने आए हैं। इससे पहले 2022 में जर्मनी के 7 और स्वीडन के 3 नागरिकों को धर्मांतरण गतविधियों में लिप्त पाया गया था। इन सभी को हिरासत में लिया गया था और फिर उनके देश डिपोर्ट कर दिया गया था। असम के अलावा भी देश के अलग राज्यों से ऐसी गतिविधियों की खबरें आती रहती हैं। बता दें कि भारत में इस तरह की गतिविधियां अपराध की श्रेणी में आती हैं और हर साल तमाम लोग इन गतिविधियों में संलिप्तता के चलते सलाखों के पीछे जाते हैं। (भाषा से इनपुट्स के साथ)