गुवाहाटी: असम में अगले महीने पंचायत चुनाव होने वाले हैं। इसे लेकर सभी दल अपनी-अपनी तैयारी में जुटे हुए हैं। वहीं कांग्रेस पार्टी ने भी पंचायत चुनाव में ताल ठोक दी है। शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी ने असम पंचायत चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र जारी किया। इसके साथ ही कांग्रेस में सत्ता का पंचायतों तक विकेंद्रीकरण करने का वादा किया है। इसके अलावा ग्राम स्तर के निकायों में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं करने का वादा भी कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में किया है। बता दें कि असम के 27 जिलों में दो चरणों के तहत पंचायत चुनाव होने हैं।
कांग्रेस ने क्या किया वादा
दरअसल, असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने पंचायत चुनाव को लेकर घोषणा पत्र जारी किया। इस मौके पर भूपेन कुमार बोरा ने कहा, "कोई अवास्तविक वादे नहीं किये जा रहे हैं बल्कि दीर्घकालिक व्यावहारिक आश्वासन दिये गए हैं जो हमारे ग्रामीण जीवन की सामाजिक-आर्थिक वास्तविकता में गहरी जड़े जमाये हुए हैं।" उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी सत्ता के विकेंद्रीकरण की नीति का पालन करती है और यह पार्टी के घोषणा पत्र से स्पष्ट भी होता है। कांग्रेस पार्टी ने पंचायती राज की योजनाओं का विस्तार करते हुए असम सरकार के तहत अधूरे पड़े कामों को पूरा करने का वादा किया है।
दो चरणों में चुनाव
वहीं घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कहा, ‘‘राज्य की भाजपा सरकार के तहत पंचायत स्तर पर बहुत अधिक राजनीतिक हस्तक्षेप है, जो सत्ता के विकेंद्रीकरण की अवधारणा को कमजोर करता है। सत्ता में आने पर, कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं के बराबर हो।’’ बता दें कि असम में पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। यहां के 34 जिलों में से 27 जिलों में दो चरणों के तहत चुनाव होने हैं। पहले चरण का मतदान दो मई को होगा। वहीं दूसरे चरण का मतदान सात मई को होना है। मतदान के बाद वोटों की गिनती 11 मई को की जाएगी। इसके अलावा संविधान की छठी अनुसूची के तहत आने वाले और स्वायत्त परिषद चुनावों वाले असम के सात जिलों में पंचायत चुनाव नहीं होंगे। (इनपुट- पीटीआई)
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