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Hindi News नॉर्थ ईस्ट असम बिहार चुनाव के नतीजों से पहले असम में बड़ी सियासी हलचल, बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दल गोलबंद! कांग्रेस नेता गोगोई ने बताया ये प्लान

बिहार चुनाव के नतीजों से पहले असम में बड़ी सियासी हलचल, बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दल गोलबंद! कांग्रेस नेता गोगोई ने बताया ये प्लान

असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा कि बीजेपी के कुशासन से मुक्ति दिलाने के लिए विपक्षी दल 2026 का असम विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ेंगे।

Gaurav Gogoi- India TV Hindi Image Source : PTI गौरव गोगोई, कांग्रेस नेता

गुवाहाटी: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले असम की सियासत से जुड़ी एक बड़ी खबर आ रही है। यहां अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए विपक्षी दल गोलबंद हो रहे हैं। सभी दल बीजेपी के एकजुट होकर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। आज इसका ऐलान राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के कुशासन से मुक्ति दिलाने के लिए विपक्षी दल 2026 असम विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ेंगे।

गोगोई ने क्या कहा?

गोगोई ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने (विपक्षी दलों ने) विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की। असम के लोगों को भाजपा के अत्याचार और मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के अन्याय से मुक्त कराने के लिए हम सभी एकजुट हैं। हम 2026 का विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगे। आज की बैठक का मुख्य निर्णय यही था।" उन्होंने कहा कि अन्य मुद्दे भी हैं, जिनके बारे में आने वाले दिनों में धीरे-धीरे जनता को जानकारी दी जाएगी। आठ पार्टियों में कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा), रायजोर दल, असम जातीय परिषद, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (भाकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, जातीय दल-असोम (जेडीए) और कार्बी आंगलोंग स्थित ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (एपीएचएलसी) शामिल है। 

विपक्षी दल एकजुट होकर उठाएंगे आवाज

बैठक को लेकर रायजोर दल के विधायक अखिल गोगोई ने बताया कि आने वाले समय में सभी विपक्षी दल सभी प्रमुख मुद्दों पर समन्वित दृष्टिकोण अपनाएंगे। उन्होंने कहा, "विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में सभी विपक्षी दल एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएंगे। हम हर मंच पर एक साथ होंगे।" गोगोई ने कहा कि बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी दल आगामी कुछ दिनों में अपने एजेंडे को अंतिम रूप देंगे और विपक्षी दलों के साझा घोषणापत्र पर विचार-विमर्श शुरू करने के लिए इसी महीने फिर मिलेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इस विपक्षी एकता में एआईयूडीएफ बिल्कुल भी शामिल नहीं होगी। यह भाजपा की तरह ही सांप्रदायिक पार्टी है। यह विपक्षी गठबंधन किसी भी प्रकार की सांप्रदायिकता के सख्त खिलाफ है।"

बता दें कि अगले साल 2026 में असम में विधानसभा के चुनाव होने हैं। राज्य में पिछले 10 वर्षों से बीजेपी की अगुवाई में एनडीए की सरकार है। राज्य में विधानसभा की कुल 126 सीटें है। इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में एनडीए को कुल 74 सीटें मिली थीं। बीजेपी ने 60 सीटों पर जीत हासिल की थी और 33.2 फीसद वोट मिले थे। वहीं असम गण परिषद को 9 सीटें हासिल हुई थीं। जबकि यूपीपीएल को 6 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं यूपीए को कुल 50 सीटों मिली जिनमें कांग्रेस ने 29 सीटें हासिल की। एआईयूडीएफ को 16 सीटें मिलीं जबकि बीपीएफ को 4 और सीपीआई को एक सीट हासिल हुई थी। (इनपुट-भाषा)